ऋषिकेश एम्स में जांच के लिए सीबीआई टीम के पहुंचने पर अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि 2017-18 में एम्स ने स्वीपिंग मशीन खरीदी थी, जिसमें 2.41 करोड़ की धांधली की जांच चल रही है। दूसरी कंपनी एक करोड़ में यह मशीन दे रही थी। मामले में एम्स के तीन प्रोफेसरों, एक प्रशासनिक अधिकारी और एक लेखाधिकारी को नामजद किया गया है।
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