देहरादून:सूचना व लोकसम्पर्क विभाग मे स्वाधीनता दिवस का पर्व उल्लासपूर्वक मनाया गया। 77 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सूचना एवं लोक सम्पर्क निदेशालय में महानिदेशक बंशीधर तिवारी जी (आईएएस) ने ध्वजारोहण किया।
इस अवसर पर अपर निदेशक आशिष त्रिपाठी जी, उप निदेशक मनोज कुमार श्रीवास्तव, रवि विजारनियां, सहायक निदेशक अर्चना, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पान सिंह बिष्ट, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी चन्द्र सिंह तोमर, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भुवन चन्द्र जोशी सहित सभी अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित थे।
पौड़ी:लोकगायक करण रावत ग्राम मंजुली के हैं। इन्होंने बचपन से ही गायन के क्षेत्र में रुचि रखी।करण रावत उत्तराखंड के जाने माने कलाकार, संगीतकार हैं। ये स्वयं अपने बनाये गीतों को स्वर देकर कयी मंचों में अपना जलवा बिखेर चुके हैं। करण रावत महज कम ही उम्र के हैं। गायन इनको विरासत में मिली है।उनके पिता भी रिखणीखाल में सामाजिक कार्यों में बढचढ कर प्रतिभाग करते है।
लोकगायक करण अपनी आजीविका चलाने के लिए अपने पिता हरीश रावत के साथ होटल में भी मदद करते हैं। ढाबखाल में इनका प्रतिष्ठित होटल है।अन्य समय में करण रावत अपने गायन के क्षेत्र में व्यस्त रहते हैं। इनकी आवाज दूर दूर तक गूंजती है।ये बाहर देश विदेशों में भी ख्याति प्राप्त कर चुके हैं। इनके जो भी गाने व लोकगीत होते हैं, स्वयं द्वारा निर्मित किये जाते हैं। लोग इनके स्वर व ध्वनि के कायल हैं।
आज स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर इन्होनें वीर शहीदों के नाम पर गाया है।रिखणीखाल क्षेत्र में इनका नाम बच्चे,बूढ़े व नौजवान सभी परिचित हैं। इनकी माता जी भी गायन के क्षेत्र में अग्रणी रहती हैं।
देश में आज ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की तर्ज पर ‘भ्रष्टाचारियों उत्तराखंड छोड़ो’ आंदोलन आरंभ करने की जरूरत है। नेताओं और नौकरशाही को देश प्रेम, ईमानदारी, नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा का पक्का पाठ दुबारा से याद करा कर सच्चा देशभक्त बनाया जाना ही स्वतंत्रता संग्राम के योद्धाओं को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।ये विचार आजादी की 76 वीं वर्षगांठ पर संयुक्त नागरिक संगठन के तत्वाधान में आयोजित गोष्ठी,जिसका विषय ‘”देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, कारण और निदान के उपाय”था, में व्यक्त किए गये।
उत्तर प्रदेश के प्रादेशिक सचिव रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन मास्टर करतारसिंह की 23वीं पुण्यतिथी पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजली दी गयी,बताया गया की अपनी आखिरी सांस तक ये देश -प्रेम से ओत-प्रोत फिल्मो,प्रदर्शनो, गोष्ठियों, सभाओं के माध्यम से समाज मे देशभक्ति की अलख जगाते रहे।गोष्ठी मे समाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा की समाज मे नैतिक मूल्यो की लगातार हो रही गिरावट,उपभोक्ता संस्कृति का बढता आकर्षण,जनसंख्या का दबाब, राजनैतिक नेताओं और अधिकारियों के बीच साठगांठ भी भ्रष्टाचार का कारण है।
कुछ वक्ताओं ने राजनैतिक अपराधिकरण, बढ़ते चुनावी खर्च, राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव, प्रशासनिक जटिल नौकरशाही में पारदर्शिता का अभाव, प्रशासन ने अनिश्चितता,भ्रष्टाचाररोधी कानूनों के क्रियान्वयन का अभाव, जटिल न्यायिक प्रक्रियायें और कार्मिको को अनुचित संरक्षण को भी नासूर की संज्ञा दी।जागरूक लोगो ने कहा इन बुराईयों से सामाजिक असमानता तथा असंतोष, लोक कल्याण सहित सामाजिक न्याय में भी कमी आयी है।
भ्रष्टाचार रोकने के उपायों में बताया गया की केन्द्र और राज्य सरकारे कार्मिकों की सेवा शर्तों को आकर्षक बनाते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओ का सरलीकरण करे।अधिकारियो मे नैतिक आचार संहिता हेतु जन जागरूकता अभियान चलाये और शासन प्रशासन के कार्यो मे जन सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सीबीआई, सीबी एस, एसआईटी आदि संस्थाओ को राजनैतिक हस्तक्षेप से मुक्त किया जाना,इ- गवर्नेंस को बढ़ावा,सूचना के अधिकार का अधिकाधिक उपयोग,भ्रष्टाचार के मामलों मे त्वरित निर्णय भी इस नासूर को जड़ से उखाड़ने मे मददगार बनेगे।
कार्यक्रम में रविसिंह नेगी,अनिल पैन्यूली,ब्रिगेडियर केजी बहल,लै.कर्नल बीएम थापा,चौ.ओमवीर सिंह, जीएस जस्सल,प्रकाश नागिया,कर्नल बीडी गंभीर,मेघा पैन्यूली, कमला लोहानी,एमएस तोमर,दिनेश भंडारी,उषा कोठारी,प्रदीप कुकरेती,सुशील त्यागी,प्रेम खन्ना,महिपाल सिंह कंडारी, मुकेश नारायण शर्मा,रणवीर सिंह मेहरोत्रा, मोहम्मद इस्लाम, सत्यप्रकाश कोठारी,हर्षनिधी शर्मा, विकास खन्ना,डॉक्टर वीके गर्ग,रविशंकर भाटिया,चौधरी चंद्रपाल सिंह,उमाशंकर गौतम,चंद्रजोशी आदि शामिल थे।
पौड़ी:रिखणीखाल प्रखंड से 10-15 किलोमीटर आगे मंज्याडी सैण के पास पूर्वी नयार नदी बहती है।नदी कल रात की बारिश से ऊफान पर है।इस बी अभी सिद्ध खाल से आशु जोशी ने बताया कि नदी में 11 पशु फंसे हुए हैं। लेकिन बाहर आने में असमर्थ हैं। नदी का बहाव तेज है।वे बीच में ही मौन खड़े हैं।
इसके लिए ग्रामीण भी कम दोषी नहीं हैं, जो अपने मवेशियों की ढूँढ खोजबीन नहीं कर रहे हैं।
प्रशासन से अनुरोध है कि इन मवेशियों को रेस्क्यू किया जाये।वैसे मौखिक सूचना भेजी जा चुकी है।
कोटद्वार:कुंभीचौड़ रतनपुर को जोड़ने वाले गाड़ीघाट के क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्ग तथा मालन नदी के हल्दुखाता_ किशनपुर, सिगड्डी वैकल्पिक मार्ग का भी किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्थानीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी के साथ आज देर शाम कोटद्वार में आपदाग्रस्त क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया। गाड़ीघाट में कुंभीचौड, रतनपुर को जाने वाले एप्रोच मार्ग पर तेजी से कार्य करने को कहा तथा मालन नदी पर हल्दूखाता, किशनपुर_सिगड्डी मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कनेक्टिविटी को बहाल करने के निर्देश दिए।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर बाधित हुई सड़क कनेक्टिविटी को युद्ध स्तर पर बहाल करने को कहा। विभिन्न स्थानों पर आपदा से प्रभावित हुए लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के भी आदेश दिए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुई विभिन्न प्रकार की क्षति का व्यापक रूप से आकलन करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पहला प्रयास है कि राज्य में मानसूनी बरसात से जो चीजें अस्त, व्यस्त हुई है उनको सामान्य करना है तथा जो लोग आपदा से प्रभावित हुए हैं उनको प्राथमिक रूप से उनकी आवश्यकता के अनुरूप त्वरित सहायता और राहत प्रदान की जाय। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति का त्वरित आकलन करते हुए इसके त्वरित सुधारीकरण के कदम उठाए जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री के साथ निरीक्षण कर रही विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आज स्वयं आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया गया है और शीघ्रता से सामान्य स्थिति बहाल करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. आशीष चौहान, अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार शेखर सुयाल, उप जिला अधिकारी प्रमोद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कार्मिक मौजूद रहे।
उत्तराखंड: लालकुआं-तराई पूर्वी वन प्रभाग डौली रेंज के अंतर्गत तिलियापुर बीट में भैस चराकर घर को लौट रहे युवक पर भालू ने जानलेवा हमला कर दिया, घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका उपचार सितारगंज के एक अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के बाद अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। बताते चले कि बौढ़खत्ता निवासी शमशाद अली ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 16 वर्षीय युवक यमीन चौहान पुत्र शमशेर चौहान निवासी कोर्टखरा स्थित गुर्जरखत्ता प्रतिदिन अपनी भैस चराने जंगल मे जाता था।
आज भी यशीन खत्ते के समीप तिलियापुर बीट के जंगल में अपनी भैस लेकर गया हुआ था इसी दौरान दोपहर को जब यशीन वापस घर को लौट रहा था तभी पक्की पुलिया के पास झाड़ियां में पहले से घात लगाए बैठे भालू ने यशीन पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया, भालू ने पीड़ित के सिर और मुंह तथा हाथों में गंभीर चोट पहुंचाई, बावजूद इसके युवक ने हौसला बनाये रखा और शोर मचा दिया, जिसे सुनकर खत्ते के लोग मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों को देखते ही भालू जंगल की ओर भाग गया, इसके बाद गंभीर घायल युवक यशीन को उपचार के लिए शक्तिफार्म अस्पताल ले जाया गया, जहा प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायल युवक को सितारगंज के लिए रैफर कर दिया। जहां उसका उपचार चल रहा है।
डौली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवीन पंवार ने घटना की पुष्टि करते हुऐ बताया कि वन विभाग ने सूचना मिलते ही घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, तथा उपचार में उसकी मदद की, उन्होंने बताया कि सरकार से उसके लिए जो भी अनुमन्य राशि होगी जल्द ही पीड़ित को प्रदान कर दी जाएगी।
देहरादून:दून रानीपुर पोखरी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ब्रह्मदत्त की 122 वी जयंती पर सिटी बैंक्विट हॉल में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।दिवंगत सेनानी की सुपुत्री सुधा जुयाल ने बताया कि खाराखेत में नमक आंदोलन में शामिल होने पर इन्हें 1930 में गिरफ्तार कर हरदोई जेल की कालकोठरी में भेजा गया तथा यातनाएं दी गई।
समारोह में वक्ताओं ने कहा आजादी के योद्धाओं ने जिस प्रकार बिना धार्मिक जातिगत भेदभाव के अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जंग लड़कर देशप्रेम, एकजुटता, सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया उसी भावना को सुदृढ़ बनाने की आज देश को सबसे ज्यादा जरूरत है,और इसमें सेनानी परिवारों की मुख्य भूमिका है तथा इन्हें अपनी जिम्मेदारी का एहसास दिलाना ही शहीदों को वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।
सम्मानित किए जाने वालों में डॉ मुनीराम सकलानी, संदीप शास्त्री, शक्ति प्रसाद डिमरी, सुशील त्यागी, मुकेश नारायण शर्मा, रवि भाटिया, बबीता अस्वाल, कुसुम धस्माना, संजय अमन, जगदीश डडोना, आशा नौटियाल, हरेंद्र सिंह रावत,साधना तिवारी,उषा कोठारी।
कोटद्वार : लैंसडाउन सेना छावनी परिषद में गुलदार का आतंक बना हुआ है। वहीं बीते दिन गुलदार ने ड्यूटी से दोपहिया वाहन से लौट रहे सेना के जवान पर हमला कर घायल कर दिया। हमले में सेना का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसके बाद सूचना पर मौके पर पहुंचे सेना के अधिकारियों ने घायल जवान को सेना के हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
घात लगाकर गुलदार ने किया हमला लैंसडाउन सेना छावनी क्षेत्र में गुलदार ने एक सेना के जवान पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। लैंसडाउन कैंट बोर्ड से सेना का जवान ड्यूटी से लौटकर छावनी परिषद में आ रहा था तभी गुलदार ने घात लगाकर हमला कर दिया। जवान के घायल होने की सूचना पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जवान को सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वन विभाग ने क्षेत्र में बढ़ाई गश्त – जहां घायल सेना के जवान का इलाज चल रहा है। सेना के जवान के पीठ और हाथ पर गुलदार के नाखून से गहरे घाव बने हैं। वहीं गुलदार के हमले के बाद वन विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। घटना के बाद लैंसडाउन वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
और गुलदार पर नजर बनाए रखने के लिए क्षेत्र का सर्च ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने लोगों को भी सतर्क रहने को कहा है। वहीं वन विभाग के कर्मियों ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।
यादों की झड़ी सी है आँखों में छाई, हो रही आज आपकी विदाई, हम करते हैं ईश्वर से प्रार्थना, पूरी हो जीवन की हर मनोकामना…
पौड़ी:रिखणीखाल के उच्च स्थान व रमणीक गाँव रजबौ मल्ला निवासी सुबेदार दिनेश सिंह गुसांई अपने सैन्य सेवाकाल के 30 वर्ष की सेवा पर 19 th बटालियन गढ़वाल राइफल्स के ऑफिसर्स, जे सी ओज व जवानों ने उन्हें भावभीनी विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया।
सुबेदार दिनेश सिंह गुसांई अक्टूबर, 1993 में गढ़वाल राइफल्स में सिपाही में भर्ती होकर 19 गढ़वाल राइफल्स का अंग बने।उन्होंने अपने 30 वर्ष के सेवाकाल में कयी फील्ड पोस्टें व शांतिकाल में सेवायें की।दिनेश गुसांई दस साल से सरस्वती विहार, अजबपुर खुर्द, देहरादून में अपने परिवार के संग रहते हैं। उनकी तीन बेटियाँ व एक बेटा है।उनकी पत्नी गृहणी है।
बटालियन में एक हफ्ते से लगातार विदाई समारोह की पार्टियाँ आयोजित हो रही हैं। जिसमें कम्पनी, जे सी ओज मैस व ऑफिसर्स मैस द्वारा आयोजित की जा रही हैं।
अब वे दो महीने का वार्षिक अवकाश पर आकर अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट केंद्र लैंसडौन में जाकर अपने सेवानिवृत्त के पेंशन पेपर,पेंशन ड्रिल पूरी करेगें, तथा 31 अक्टूबर, 2023 को सेवानिवृत्त होगें।
आज उनके विदाई समारोह में बटालियन का बैंड की मधुर ध्वनि की गूंज के साथ सेना के फूलों से सजे वाहन में सवार होकर पैदल मार्च किया गया।उनके वाहन को रस्सी के सहारे आगे बढ़ाया गया।
दिनेश गुसांई मधुर स्वभाव व बटालियन के काबिल जूनियर कमीशंड अधिकारी हैं। उनके विदाई समारोह में बटालियन ने ससम्मान फूलों से लदे वाहन में सवार होकर फूल मालाओं से लाद दिया।
अभी उनकी यूनिट राजस्थान के अन्तिम छोर में स्थित माउंट आबू में हैं। ये विदाई समारोह माउंट आबू सैन्य क्षेत्र की सडकों पर चल रहा है।दिनेश गुसांई अब सेवानिवृत्त के बाद का समय अपने परिवार के संग देहरादून में बिताएंगे। उनका सैन्य सेवाकाल अनेक उपलब्धियों भरा रहा है।
सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) ने देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में नौ फार्मा कंपनियों पर छापा मारा है। इनमें चार कंपनियां फर्जी पाई गईं। प्रारंभिक कार्रवाई में 6.4 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। फार्मा कंपनियों ने अपनी गलती स्वीकारते हुए 30 लाख का टैक्स जमा किया है। विभाग ने कंपनियों के 2.43 करोड़ की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) रोक दी है। साथ ही बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं।
राज्य कर आयुक्त एवं अपर सचिव अहमद इकबाल ने बताया कि शनिवार को विभाग की सीआईयू टीम ने जीएसटी चोरी करने वाली फार्मा मेन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग कंपनियों पर छापा मारा।इस कार्रवाई में देहरादून, हरिद्वार व रुड़की की तीन-तीन कंपनियों के टैक्स संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जीएसटी में पंजीकृत चार कंपनियां सिर्फ कागजों में चल रही हैं।
फर्जी कंपनियों के नाम से बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेकर सरकार को राजस्व की चपत लगाई जा रही थी।कंपनियों ने दवाइयों की पैकेजिंग सामग्री और अन्य सामान की सप्लाई दिल्ली, गुजरात व मध्य प्रदेश की कंपनियों से दर्शाई है। दस्तावेजों में माल परिवहन के कोई प्रमाण नहीं मिले। गुजरात में जिस फर्म के नाम से माल आपूर्ति के बिल बनाए जा रहे थे, उसका कोई कारोबार नहीं मिला।
दिल्ली से ऑटो में दिखाया गया 30 लाख का माल परिवहनजांच में खुलासा हुआ कि फार्मा कंपनियों की ओर से ई-वे बिलों में दिल्ली से पैकेजिंग सामग्री की सप्लाई दिखाई गई। इसमें दिल्ली से ऑटो में 30 लाख की माल परिवहन दिखाया गया। इतनी बड़ी राशि का माल ऑटो में परिवहन करना संभव नहीं है। इसके अलावा जिस ई-वे बिल में दिल्ली से माल उत्तराखंड के दर्शाया गया उस पर माल दूसरे राज्यों में भेजा गया।
राज्य कर विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ है फार्मा कंपनियों ने दिल्ली में जिस कंपनी से मेडिकल का सामान की आपूर्ति दर्शाई है वह स्क्रैब का कारोबार करती है। कबाड़ का काम करने वाली कंपनी दवाइयों के पैकेजिंग व अन्य सामान की सप्लाई कैसे कर सकती है। विभाग इन सभी मामलों की जांच कर रही है।