रिपोर्ट: प्रभुपाल सिंह रावत
देहरादून:दिनांक 10 मार्च, 2024को देहरादून के पवेलियन मैदान निकट परेड ग्राउंड में देहरादून जिले के कोने कोने से तमाम गौरव सेनानी पूर्वसैनिक, अर्द्धसैनिक बल,वीर नारियां, सेवारत सैनिकों के परिवार इस प्रबोध महा सम्मेलन में एकत्रित हुए।
इस परिवार महा सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य था कि गौरव सेनानियों ने दिनांक 25/02/2024 को माननीय मुख्य मंत्री, उत्तराखंड को एक 16 सूत्रीय मांग पत्र व ज्ञापन दिया था और आश्वासन दिया था कि शीघ्र सैनिक कल्याण मंत्री व सैनिक कल्याण मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर आपकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जायेगा। लेकिन ऐसा होना न देखकर, गौरव सेनानियों ने आज परिवार महा सम्मेलन आयोजित करके चेताया कि इसका शीघ्र हल निकालें। हल न होने पर इसका खामियाज़ा इस लोक सभा चुनाव में भुगतना होगा।जब तक समाधान नहीं होगा तब तक गौरव सेनानी चुप नहीं रहेगें। मांगों को मनाने के लिए पुरजोर व एडीं चोटी का जोर लगायेंगे।

16 सूत्रीय मांगों का संक्षिप्त विवरण ये है कि उत्तराखण्ड में सभी पदों में पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण 5% से बढ़ाकर 13%-से 15% किया जाये, आरक्षित पद के लिए पूर्वसैनिक न मिलने पर उस पद को मेल श्रेणी सामान्य पद में समायोजित किया जाता है,जबकि हिमाचल, हरियाणा, पंजाब में आरक्षित पद के लिए पूर्वसैनिक न मिलने पर उस पद पर पूर्व सैनिकों के आश्रित (पत्नी, पुत्र, पुत्री)आवेदन कर सकते हैं। पूर्वसैनिक को उच्च ग्रेड पर जाने के लिए परीक्षा देने में पूर्वसैनिक कोटा दिये जाने के सम्बन्ध में विचार हो।उत्तराखण्ड सरकार के सभी विभागों, लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ आयोग द्वारा सैनिकों को प्रारम्भिक, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति की तरह अंकों की छूट हो या पूर्वसैनिक के लिए कट ऑफ निर्धारित नहीं करना चाहिए, जिससे पूर्वसैनिक पद रिक्त न रहे।गुरूप सी व डी में पूर्वसैनिक की सैन्य सेवा छोड़कर आयु का निर्धारण किया जाता है।किन्तु लोक सेवा आयोग में आयोजित परीक्षा में मात्र 5 वर्ष की आयु छूट दी जाती है।जिसकारण 90% पूर्वसैनिक इस परीक्षा को नहीं दे पाते हैं। जबकि अन्य राज्य में हिमाचल, हरियाणा,पंजाब में सभी गुरूप ए,बी सी,डी सभी में पूर्वसैनिक की सम्पूर्ण सेवा को घटाकर आयु निर्धारण होता है।उत्तराखण्ड में पूर्वसैनिक के लिए शारीरिक परीक्षा, दक्षता के अलग मानक नहीं किये गए हैं। उत्तराखण्ड में आरक्षित पूर्वसैनिक पदों पर पे फिक्सेशन और उनके द्वारा की गई सैन्य सेवा को उनकी वर्तमान सेवा में जुड़ना चाहिए। जैसे हिमाचल प्रदेश, केन्द्रीय बैंक आदि।उपनल द्वारा पूर्व में भर्ती किये गए असैनिकों के पदों को वापस, पूर्वसैनिक और उनके आश्रितों को दिया जाना चाहिए। राज्य के प्रत्येक एम बी बी एस,बी डी एस, बी ए एम एस व इंजीनियरिंग कॉलेजों में पूर्व सैनिक के आश्रितों के लिए 5-5 सीट या 10% आरक्षित होना चाहिए। जैसे उतर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाड, केरल,पांडिचेरी आदि में है।राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड द्वारा बताया गया है कि राज्य में सरकारी गल्ले की दुकान आबंटन में पूर्वसैनिक का 8% कोटा है।मगर उत्तराखण्ड में इसका अनुपालन नहीं होता है।उदाहरण हरिद्वार में 605 दुकानों में से केवल 02 दुकान ही पूर्वसैनिक को आवंटित की हैं।

उत्तराखण्ड में विकास प्राधिकरण, नगर-निगम, जिला पंचायत द्वारा किसी भी प्रकार का प्लाट, मकान, दुकान आवंटन में पूर्वसैनिक को 10% आरक्षण हो।जैसे हिमाचल, कर्नाटक, राजस्थान, पांडिचेरी आदि में है।प्रत्येक तहसील स्तर पर एक सैनिक कॉलोनी हो,जिसमें 100% आरक्षण सैनिक वर्ग का हो।पूर्वसैनिक के लिए 250 वर्गमीटर के प्लाट, मकान,दुकान की क्रय में रजिस्ट्री शुल्क माफ हो।जैसे उतर प्रदेश गोवा,हिमाचल, पांडिचेरी आदि में है।उत्तराखण्ड में प्लाटों की विक्री से पूर्व कोई जांच राजस्व विभाग द्वारा नहीं होती है।रजिस्ट्री विभाग अपना शुल्क वसूल कर खानापूर्ति करता है।इसी का लाभ उत्तराखण्ड में भू माफिया उठा रहे हैं। भोली भाली जनता मुर्ख बनी है।इसी प्रकार पूर्वसैनिक सेवानिवृत्त के बाद 15-20 लाख रुपये मिलते हैं। उससे प्लाट खरीदता है।दाखिल खारिज करा लेता है।मगर जब वह मकान बनाने जाता है तो वहाँ अन्य कोई रजिस्ट्री दिखा देता है या मकान का व जमीन का खाता, खसरा नम्बर नहीं मिलता है।इस पर ठोस व कठोर नियम बने।पूर्वसैनिक के स्वरोजगार के लिए 50 लाख का ब्याज मुक्त लोन दिया जाये। उत्तराखण्ड के ऐसे मूल निवासी जो वापस अपने पैतृक गांव जाकर स्वरोजगार करें। उनको 50 लाख का व्याज मुक्त लोन स्वरोजगार के लिए मिले।
गौरव सेनानी एशोसियेशन के उपाध्यक्ष मनवर सिंह रौथाण ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ये मागें न माने जाने पर संगठन कूछ भी सख्त कदम व रणनीति बना सकता है।आजका पूर्वसैनिक परिवार सम्मेलन एक चेतावनी, संगठन की एकता व मजबूती के लिए आयोजित किया गया।संगठन के अध्यक्ष महावीर सिंह राणा ने भी अपने ओजस्वी सम्बोधन में सरकार को ललकारा तथा कहा कि पूर्वसैनिको के साथ भेदभाव अपनाया जा रहा है।पूर्वसैनिक व उनके परिवार अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पूर्वसैनिको के सम्मेलन में सरकार के प्रति रोष दिखायी दिया।
इस सम्मेलन में देहरादून जिले के सभी विधान सभा क्षेत्रों से परिवार सहित लोग थे।सम्मेलन का संचालन गौरव सेनानी एसोसिएशन के सचिव गिरीश जोशी ने किया। सभी पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि आगामी नगर निकाय, पंचायत व विधान सभा चुनावों में गौरव सेनानी अपने पूर्वसैनिको की पूर्ण भागीदारी व प्रत्याशी उतारेगा।
आज के सम्मेलन में सत्य प्रकाश डबराल, दिनेश नैथानी,हरीश सकलानी, प्रभुपाल सिंह रावत, दिन गुसांई, गोपाल गुसाई, होशियार सिंह रावत, लीला सिंह रावत, रूप सिंह रावत, बिशन सिंह सुयाल, चक्रधर प्रसाद नैनवाल, जे बी कार्की, चन्द्र वीर थापा,ऋतुराज, रजनी रावत, शशि गुसांई, कपोत्री रावत, अशोक सिंह रावत आदि हजारों की संख्या में पूर्वसैनिक हाजिर रहे।





