उत्तराखंड से बड़ी दु:खद खबर सामने आ रही है, जहां एक और लाल देश के लिए शहीद हो गया है। शिलांग में तैनात हवलदार कुलदीप सिंह भंडारी ऑपरेशन ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हैं। वहीं इस दुखद खबर से परिजनों सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक रूद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के फलई गांव निवासी व शिलांग में तैनात रहे 35 असम रायफल में तैनात हवलदार (42) वर्षीय जवान कुलदीप सिंह भंडारी ऑपरेशन ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। फलई के ग्राम प्रधान विजयपाल सिंह राणा ने बताया कि घटना के बारे में शुक्रवार दोपहर बाद सूचना मिली थी। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। वहीं शनिवार देर शाम को शहीद का पार्थिव शव सेना के हेलीकॉप्टर से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंच गया है। रविवार को विजयनगर में मंदाकिनी नदी किनारे पैतृक घाट पर शहीद की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाएगी। इसके बाद ही देर शाम को सैनिक के परिजनों को घटना के बारे में अवगत कराया गया, जिसके बाद से वहां मातम पसरा हुआ है।
हरिद्वार:औद्योगिक क्षेत्र बहादराबाद में शनिवार शाम को रबड़ फैक्ट्री में आग लग गई। आग लगने काला धुआं आसमान में छा गया। काले धुएं का गुबार से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर बमुश्किल काबू पाया। शॉर्ट सर्किट आग लगने का कारण बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र बहादराबाद में एपी रबड़ इंडस्ट्री है। कंपनी में पुराने टायर की कटिंग होती है। शनिवार को फैक्ट्री में।रबड़ कटिंग का काम चल रहा था और शाम 5:15 बजे बिजली के बोर्ड में।अचानक आग लग गई। वहां चिंगारी से आग रबड़ के टायर में सुलग गई और देखते ही देखते फैक्टी को चपेट में ले लिया। सीनियर फायर मैन ध्यान सिंह तोमर ने।बताया कि मायापुर फायर स्टेशन से दो फायर टेंडर के अलावा सिडकुल फायर।स्टेशन से भी दो फायर टेंडर बुलाए गए। आग से कोई हताहत नहीं हुआ है। जबकि।लाखों का नुकसान हुआ है।
देहरादून:उत्तराखंड में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट 25 मई तक घोषित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने शिक्षा महानिदेशालय में परीक्षाओं को लेकर समीक्षा की 16 मार्च से शुरू होने जा रही उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा को पूरी तरह से नकल विहीन बनाने के लिए भी अधिकारियों को कड़े प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल राज्य में दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए 1253 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां 259439 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे शिक्षा मंत्री ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल प्रतिबंधित कर दिया गया है। उड़न दस्ते नियमित रूप से चेकिंग करते रहेंगे खासकर सड़क मार्ग से अधिक दूरी पर स्थित केंद्रों पर उन्हें अनिवार्य रूप से जाना होगा। भर्ती परीक्षा में हाई स्कूल के 132115 छात्र छात्राएं और इंटरमीडिएट के 127324 छात्र छात्राएं प्रतिभाग करेंगे।
गाजियाबाद: विजय नगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल हर महीने की 11 तारीख को नि :शुल्क आंखों का कैंप लगाया जाता है जिस कैंप में आंखों की जांच करते हैं।
डॉक्टर ब्रह्म प्रकाश त्यागी द्वारा की जाती है और सभी कैंप को चलाने वाले अनिल गुप्ता राधेश्याम त्यागी राजेंद्र यादव सरिता यादव शशि नागर अपना पूर्ण सहयोग और निष्पक्षता से सफल बनाते हैं और सभी मरीजों को ऑपरेशन के लिए लायंस हॉस्पिटल ले जाकर उनका सफल ऑपरेशन करवाते हैं कैंप में लगभग 155 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ है।
मुजफ्फरनगर : शुक्रवार देर शाम उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक और युवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया । जिसके बाद परिजनों के द्वारा दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान युवक और युवती की मौत हो गई। युवक युवती के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था पुलिस ने दोनों के शवो को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मामला थाना बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव बवाना का है जंहा एक 20 वर्षीय युवक गगन अपने मामा की ससुराल मैं आया हुआ था जहां उसकी मुलाकात उसकी मामी की बहन शिवानी से हुई जिसके बाद दोनों को एक दूसरे से प्रेम हो गया। यह प्रेम अभी परवान ही नहीं चढ़ा था कि इसकी जानकारी परिजनों को हो गई इसके बाद बताया जा रहा है कि परिजनों के द्वारा गगन को समझाया लेकीन वह नहीं माना जिसके चलते गगन ने जहर खा लिया उसकी हालत गंभीर होता देख युवती ने भी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। जिसके बाद परिजनों ने दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था जहां दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
भारतीय धर्म और संस्कृति पर कुठाराघात करती पाश्चात्य संस्कृति की ‘लिव इन रिलेशन’ की नयी परम्परा पर नियंत्रण हेतु, कठोर कानून बनाने के मांग करते हुए संयुक्त नागरिकसंगठन की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को ज्ञापन भेजा गया है।इसमे कहा गया है की सर्वोच्च न्यायालय ने देश में ‘लिव इन रिलेशन’ नई परंपरा को सामाजिक रूप से अस्वीकार्य और अनैतिक बताया है।
संगठन के सचिव सुशील त्यागी ने पत्र मे स्पष्ट किया है की वैवाहिक संबंधों की स्थापना से पूर्व, युगल का एक कमरे में साथ साथ रहना तथा शारीरिक संबंधों की स्वीकृति केवल यौनाचार,बलात्कार, हत्याओं हिंसा को बढ़ावा दे रही है तथा इससे समाज का अनैतिकता, चारित्रिक,शारीरिक मानसिक पतन हो रहा है तथा ये सम्बन्ध केवल शारीरिक सुख का साधन बन गये हें इनको किसी भी रूप में भारतीय सभ्य समाज में मान्यता देना भावी पीढ़ी के पतन के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।
इसलिए इस परमपरा पर कठोर नियंत्रण हेतु इनको आपराधिक कृत्य घोषित किया जाए तथा एक कठोर कानून बनाया जाए।
देहरादून : तहसील सदर के अन्तर्गत कुछेक ऐसे मौजा व क्षेत्र हैं,जहाँ लगभग दस- पन्द्रह साल पहले भूमि बन्दोबस्त हुआ था।उसके बाद भू स्वामियों के खाता खतौनी व खसरा नम्बर वास्तविक व धरातलीय खसरा नम्बरों से अलग हो गये थे।तब से भूमि विक्रय वास्तविक खसरा नम्बर पर न होकर दूसरे खसरा नम्बर की हो रही है।कहने का तात्पर्य ये है कि यदि भूमि खसरा नम्बर 1524 बेची जा रही है तो उसे खसरा नम्बर 1520 दिया गया है।
इसी प्रकार मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण भी भवनों के मानचित्र स्वीकृत कर रहा है।
यदि भवन का मानचित्र वास्तविक व धरातलीय खसरा नम्बर का कराना है तो वह भी इसी प्रकार दूसरे खसरा नम्बर का स्वीकृत हो रहा है।लोग जानते हुए भी मौन व अज्ञान बने हुए हैं।
इसका मुख्य कारण भूमि बन्दोबस्त के दौरान खसरा नम्बरों का गलत होना पाया है।जमीन किसी और की बेची जा रही है।ऐसा नहीं है कि तहसील व एम डी डी ए को पता न हो,उन्हें पता है।लेकिन शासन प्रशासन के आगे नतमस्तक हैं,और कार्रवाई कोई करना भी नहीं चाहता,और न करने वाले करेगें।बहुत बड़ा घालमेल है।जैसा चल रहा है,चलने दो की फार्मूले पर चल रहे हैं।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में होली के दिन भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। सुबह 10 बजकर 7 मिनट पर भूकंप आया। इस दौरान होली के पकवान बना रहे लोग घरों से बाहर निकल आए। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, समस्त तहसील/थाना चोकियों से प्राप्त सूचना के मुताबिक, किसी भी तहसील इलाके में भूकंप के झटके महसूस नहीं किए गए हैं। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालय में हल्का भूकंप का झटका महसूस किया गया। किसी प्रकार कोई हानि नहीं हुई है। जनपद में कुशलता है।
इससे पहले, उत्तरकाशी में शनिवार देर रात एक के बाद एक भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए थे। झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए थे। इस दौरान किसी तरह के जान-माल की कोई सूचना नहीं थी। पहला झटका रात 12:40, दूसरा झटका 12:45 व तीसरा झटका 01:01 पर महसूस किया गया था।
हरिद्वार:इंद्रलोक यज्ञं कमेटी द्वारा साप्ताहिक यज्ञ संपन्न होने के पश्चात विधिवत सर्वसम्मति से इंद्रलोक, सिडकुल आर्य समाज का गठन किया गया। इन्द्रलोक , यज्ञं कमेटी द्वारा आज सामुदायिक केंद्र इन्द्रलोक में साप्ताहिक यज्ञ सम्पन्न किया गया जिसके यज्ञमान श्री निरंजन सिंह मालिक /दिनेश कुमारी जी सपरिवार सम्मलित रहे व यज्ञ के पुरोहित श्री विजयपाल सिंह जी रहे। यज्ञ के बाद सभी ने यज्ञमान को आशीर्वाद दिया तथा बाद में उनके द्वारा लाया गया प्रसाद का वितरण किया।
तत्पश्चात यज्ञ के बाद श्री विजयपाल सिंह जी (प्रदेश अध्यक्ष आर्य निर्मात्री सभा , उत्तराखण्ड)एवं श्री प्रवीण अग्रवाल जी(कोषाध्यक्ष, प्रदेश आर्य प्रतिनिधि सभा, उत्तराखण्ड) के नेतृत्व में विगत तीन वर्षो से निरंतर कार्य कर रही इंद्रलोक यज्ञ कमेटी जिसका नाम अब भविष्य में इंद्रलोक सिडकुल आर्य समाज होगा का विधिवत सर्वसम्मति से प्रथम चुनाव संपन्न कराया गया। चुनाव से पहले श्री विजयपाल सिंह जी व प्रवीण अग्रवाल जी ने आर्य समाज के कार्यों एवं स्वामी दयानन्द सरस्वती जी के बारे में सूक्ष्म संबोधन करते हुए कहा कि आर्य समाज वेदों द्वारा दिखाए मार्ग का अनुसरण करता है।
आज इस आधुनिक युग में आर्य समाज की और अधिक जिम्मेदारी बनती है कि बच्चो में संस्कार पैदा कर उन्हे वेद मार्ग पर चलने की प्रेरणा उत्पन्न करें जिससे समाज में बढ़ रहे गलत व्यस्नो से बचा जा सके। चुनाव में सर्वसम्मति से- संरक्षक – श्री प्रेमचन्द सैनी जी प्रधान – चौ० देव पाल सिंह राठी जी उप प्रधान – मीनू सैनी जी,मुख्तयार सिंह जी मंत्री। – जोबिंदरपाल आर्य उपमंत्री। -अंशु जी, निरंजन मलिक जी कोषाध्यक्ष – नरेन्द्र सिंह तेवतिया जी पुस्तकालय अध्यक्ष – कुलवीर सिंह जी प्रबन्धक – मनवीर सिंह सिरोही जी अन्तरंग सभा के सदस्य- डा० ए के गुप्ता जी श्री पंकज चौहान जी श्री एम पी सिंह जी श्री रणधीर सिंह कलीरावणा जी श्री सुनिल आर्य आर्य वीर दल अधिष्ठाता – श्री आशुतोष जी को बनाया गया। बाद में नव नियुक्त पदाधिकारियों को श्री विजयपाल सिंह जी एवं श्री प्रवीण अग्रवाल जी द्वारा बधाई दी गई तथा आशा व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी अच्छा कार्य कर आर्य समाज को नई पहचान देगे। यज्ञ एवं बैठक में निम्न आर्य सम्मलित रहे श्री निरंजन मलिक, दिनेश कुमारी , कुलबीर सिंह, नरेंद्र सिंह तेवतिया , चौधरी देवपाल सिंह राठी, रेणु राजपूत ,अन्वी , डा ०ए के गुप्ता जसवती देवी,रजनी राजपूत, मयंक सिरोही, जोबिंदरपाल आर्य, अनिल पुनिया, पी के पाण्डे, प्रेमचंद सैनी, अरुण कुमार, धर्मवीर कलीरावाणा, आशुतोष , अद्यया सिंह राठी, अंशु, ओमी , विदुषी सैनी, मोनू सैनी, मुख्तयार सिंह जी आदि आदि सम्मलित रहे।
रिखणीखाल प्रखंड के सुदूरवर्ती गाँव गवाणा में जन्में सुबेदार/ ऑनरेरी लेफ्टिनेंट दीवान सिंह रावत,सेना की गढ़वाल राइफल्स के तीसरी बटालियन से सेवानिवृत्त होकर अपने पैतृक व मूल गाँव गवाणा ( पैनो) पहुँचे।दीवान सिंह रावत के पिता स्वर्गीय प्रताप सिंह रावत भी असम राइफल्स से सुबेदार पद से सेवानिवृत्त थे।दीवान सिंह रावत ने भी 28 साल की उदाहरणीय सेवा कर क्षेत्र का नाम बढाया।
जब कल ही दीवान सिंह रावत अपने वर्तमान निवास कोटद्वार से अपने गाँव पहुँचे तो गाँव वाले पहला से ही उनके स्वागत के लिए खड़े व जमा हो गए।लोग उनके गाँव पहुँचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।सबके हाथों में फूल मालाएं थी तथा कतारबद्ध खड़े थे।गाँव में महिलाओं,बच्चों ने गर्मजोशी से स्वागत किया,तथा अपना प्यार,लाड़ दुलार किया।
दीवान सिंह रावत एक सैनिक होने के साथ-साथ मिलनसार,नम्र,शान्त स्वभाव व उम्दा दर्जे के सैनिक हैं।उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा सेवा समाप्ति पर ऑनरेरी लेफ्टिनेंट के कमीशन व पद से नवाजा गया है।
वर्तमान में वे कोटद्वार में अपना आशियाना बनाकर परिवार संग रह रहे हैं।गाँव में शिक्षा,स्वास्थ्य,आधुनिक सुख सुविधाओं,मौलिक संसाधनों,संचार आदि के अभाव में मजबूर होकर कोटद्वार जाना पड़ा।
बाद में गाँव में सामुहिक भोजन का भी कार्यक्रम रखा गया था।महिलाएं ढोल दमाऊ के साथ इस खुशी का इजहार कर रही थी।लोग खुशी में खूब झूम व नृत्य कर रहे थे।माहौल बहुत ही ख़ुशनुमा हो गया था। दीवान सिंह रावत कोटद्वार से परिवार सहित आये थे।उनकी शिक्षा दीक्षा आदि राजकीय इन्टर कॉलेज द्वारी से ही हुई थी।उनका अपने गाँव से काफी लगाव है,वे वालीवाल के भी बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं।पढने में भी अच्छे रहे।गाँव वालों के लिए एक यादगार दिन था वे अपने गाँव में सेना का यह ऑनरेरी कमीशन पाने वाले पहले सैनिक हैं।