देवभूमि उत्तराखंड मंच विकास नगर दिल्ली द्वारा आयोजित उत्तराखंड महोत्सव में पर्वतीय क्षेत्र में शिक्षा,लोक भाषा,समाज सेवा,संस्कृति संरक्षण में विशेष योगदान देने वाले प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
जिसमें रिखणीखाल प्रखंड के ग्राम नावेतल्ली निवासी बालम सिंह गुंसाई व ग्राम तैडिया के शिक्षक डा0 अम्बिका प्रसाद ध्यानी को आयोजक मंडल द्वारा उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।जो कि 25 दिसम्बर,2022 को सम्पन्न हुआ।बालम सिंह गुंसाई देवभूमि उत्तराखंड मंच विकासनगर दिल्ली के उप संरक्षक भी हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता 69 वर्षीय बालम सिंह गुंसाई उम्र के इस पड़ाव में भी रिखणीखाल व अपने गाँव की समस्याओं सड़क,पेयजल,संचार नेटवर्किंग आदि पर भी विशेष रुचि लेते रहे हैं।डा0 अम्बिका प्रसाद ध्यानी पेशे से शिक्षक हैं,शिक्षा के क्षेत्र में उनका अद्वितीय योगदान हैं।साथ ही अपनी पत्नी विनीता ध्यानी जो क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं,उनके कार्यों में भी बखूबी सहयोग करते हैं।
लैंसडाउन/ रिखणीखाल में पूर्व निर्धारित कांग्रेस की जन आक्रोश रैली का आयोजन हुआ। जिसका नेतृत्व अनुकृति गुसाईं रावत ने किया । सरकार जवाब दो विकास रैली के दौरान आमजन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए । कांग्रेसी नेत्री अनुकृति गुसाई रावत ने कहा कि पिछले 11 वर्षों के दौरान प्रदेश और लैंसडाउन विधानसभा का का विकास ठप है। जनता परेशान है और कानून व्यवस्था ठप है। महिलाएं असुरक्षित हैं अंकिता भंडारी कांड में सत्ता से जुड़े लोग आरोपी हैं।
दिल्ली में पहाड़ कि बेटी किरण नेगी को न्याय नहीं मिल पाया । कर्मचारियों की पेंशन स्कीम बंद हैं और कर्मचारी भी परेशान है । लैंसडाउन विधायक खुलेआम स्वीकार कर चुके हैं वे विकास करने में नाकाम रहे हैं। इस के बाद अब कहने को कहने को कुछ नहीं बचा हैं। मेरी विधायक जी को सलाह है कि उन्हे राजनीति से संयास ले लेना चाहिए ।
जन आक्रोश रैली के दौरान बाजार में सरकार का पुतला दहन भी किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद रावत,विजयपाल नेगी ,रमेश रावत ,राजेंद्र सिंह रावत ,मनोज रावत ,भगत सिंह नेगी, धनवीर बिष्ट ,देवेंद्र कुमार, दिनेश नेगी ,पुष्कर गोसाई ,रविंद्र रावत ,अशोक कुमार आदि कांग्रेसियों ने शिरकत की।
हरिद्वार:इन्द्रलोक यज्ञ कमेटी द्वारा आज सामुदायिक केंद्र इन्द्रलोक में साप्ताहिक यज्ञ आयोजित किया गया। जिसको यज्ञ पुरोहित चौधरी देवपाल सिंह राठी ने संपन्न कराया आज के यज्ञ में यज्ञमान श्री ए के गुप्ता/ आशुतोष जी सपरिवार सम्मलित रहे।
यज्ञ के बाद सभी ने यज्ञमान को आशीर्वाद दिया तथा बाद में उनके द्वारा लाया गया प्रसाद का वितरण किया। यज्ञ में निम्न आर्य सम्मलित रहे श्री निरंजन मलिक, , कुलबीर सिंह, नरेंद्र सिंह तेवतिया , जसवती, चौधरी देवपाल सिंह राठी, धर्मवीर कालारावणा, जोबिन्द्र पाल आर्य, रेणु राजपूत ,मयंक सिरोही, डा ० ए के गुप्ता, आशुतोष, प्रवीण कुमार सैनी जी आदि आदि सम्मलित रहे।
लैंसडाउन/ कांग्रेस द्वारा प्रदेश का विकास ना होने के चलते कल रिखणीखाल में सरकार जवाब दो , विकास दो जन आक्रोश रैली का आयोजन किया जा रहा है।
लैंसडाउन की जनता के जब नेतृत्व में कल जन आक्रोश रैली रिखणीखाल बाजार से निकाली जाएगी ।जिसमें बड़ी तादाद में कांग्रेसी कार्यकर्ता शिरकत करेंगे । और साथ ही भाजपा सरकार के 6 साल के शासन का सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
पिछले 11 वर्षों में विकास की दौड़ में लैंसडाउन विधानसभा पिछड़ गया है। इसी को लेकर के कल इस रैली का जन आक्रोश रैली का आयोजन किया जा रहा है ।जिसमें मैं सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान करती हूं कि बड़ी तादाद में सड़कों में उतर कर सरकार से विकास का जवाब मांगे.
उत्तराखण्ड प्रदेश का एक डेढ सौ वर्ष से अधिक पुराना कोटद्वार रेलवे स्टेशन आज सिर्फ एक मात्र ट्रेन के परिचालन की बजह से भारतीय रेलवे की सूची में स्थान बनाए हुए हैं । आजादी के 75 वे अमृतकाल में यह स्टेशन अभी भी सिर्फ एक ट्रेन डेस्टीनेशन (दिल्ली -कोट़द्वार) तक सीमित है । भारतीय रेल विश्व का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है परंतु कोटद्वार अभी भी मुख्य रेलवे स्टेशनों की श्रेणी में शामिल होने के लिए जूझ रहा है।
कोटद्वार रेलवे स्टेशन ब्रिटिश शासन में सन् 1856 में बनाया गया था। उस समय इस स्टेशन से रेल द्वारा लकड़ियों की ढुलाई होती थी। सन् 1904 से इस स्टेशन से सवारी गाड़ी का आना जाना प्रारम्भ हुआ क्योकि लैंसडाउन में ब्रिटिश सरकार द्वारा गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंटल सैंटर खोला गया ।आजादी के बाद दिल्ली से देहरादून तक मंसूरी एक्सप्रेस चलाई गयी वह भी वाया नजीमाबाद होते हुए जिसमें तीन बोगियों को कोटद्वार के लिए जोड़ा गया। इन बोगियों को नजीबाबाद से पसेंजर गाड़ी द्वारा लाय जाता रहा । सन् 1996 -97 में सतपाल महाराज जी राज्य रेल मंत्री बने और उन्होंने दिल्ली से कोटद्वार के लिए एक नयी रेलगाड़ी गढ़वाल एक्सप्रेस चलाई। मंसूरी एक्सप्रेस दिल्ली रेलवे स्टेशन से रात लगभग 10.50 चलती थी और यह गाड़ी देर रात करीब ढाई -तीन बजे नजीबाबाद पहुंचती थी जहां यह गाड़ी कोटद्वार की तीन बोगियों को छोड़कर देहरादून चली जाती थी । नजीबाबाद से सुबह साढ़े पांच बजे इन डिब्बों को एक पैसेंजर गाड़ी के साथ जोड़कर सुबह साढ़े छह बजे कोटद्वार लाया जाता था। इसी प्रकार कोटद्वार से दिल्ली के इन डिब्बों को रात नौ बजे पैसेंजर गाड़ी द्वारा नजीबाबाद लाया जाता था और फिर देर रात देहरादून से मसूरी एक्सप्रेस के आने पर इन डिब्बों को जोड़ा जाता था । मंसूरी एक्सप्रेस का आगमन सुबह साढ़े सात बजे दिल्ली में होता था। गढ़वाल एक्सप्रेस पुराने दिल्ली स्टेशन से सुबह सात बजे कोटद्वार के लिए चलती थी जोकि दिन के ढाई-तीन बजे कोटद्वार पहुंचती थी । यह गाड़ी उसी दिन चार बजे करीब दिल्ली के लिए रवाना होती थी और रात को साढ़े दस बजे करीब दिल्ली पहुंचती थी । उत्तराखण्ड के पौड़ी जिले के कोटद्वार और दूर दराज पहाड़ी क्षेत्रों के लोग इन दोनों गाड़ियों से अपने गांव के लिए देश के विभिन्न शहरों से आना जाना करते थे। परंतु सन् 2020 से कोरोना महामारी के समय से इन दोनों गाड़ियों का परिचालन बंद हो रखा है । पिछले वर्ष रेलवे विभाग ने दिल्ली से कोटद्वार के लिए सिद्बबली जनशताब्दी एक्सप्रेस का परिचालन आरम्भ किया। यह गाड़ी पुरानी दिल्ली से सुबह सात बजे चलती है और दिन में तीन बजे करीब कोटद्वार पहुंचती है और फिर यह गाड़ी उसी दिन चार बजे करीब दिल्ली के वापिस रवाना होती है । मंसूरी एक्सप्रेस का परिचालन न होने से क्षेत्रीय जनता को काफी परेशानी हो रही है क्योंकि रात को दिल्ली से कोटद्वार के लिए कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं है । सिद्बबली जनशताब्दी एक्सप्रेस दिन के तीन बजे कोटद्वार पहुंचती है जोकि उपर पहाड़ी क्षेत्रों के जाने वाले यात्रियों को सूट नहीं करती क्योंकि पहाड़ों को जानें वाली बसें दो बजे तक निकल जाती है जिसके कारण सुबह बस के लिए उन्हें या तो रात को कोटद्वार रुकना पड़ता है और या तो उन्हें टैक्सी बुक करनी पड़ती है जोकि उन्हें मंहगा और असहज पड़ता है । लगता है गढ़वाल एक्सप्रेस के स्थान पर सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस को चलाया जा रहा है परंतु मसूरी एक्सप्रेस के स्थान पर रात को दिल्ली से कोटद्वार के लिए अभी तक किसी भी ट्रेन का परिचालन नहीं किया जा रहा है जिसके कारण जनपद पौड़ी के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल का मुख्य द्वार है । यहां से पौड़ी, श्रीनगर,बद्रीनाथ केदारनाथ के लिए मुख्य राष्टीय राजमार्ग है । कोटद्वार चीला वन उद्द्यान और कालागढ़ वन रैंज से सटा हुआ है । इसके आगे दुगड्डा- सीधीखाल- रथुवाढाब-मैदावन पूरा वन क्षेत्र है जोकि जिम कार्बेट नेशनल पार्क क्षेत्र में आता है । इसके दायें तरफ़ चालीस किलोमीटर आगे राम गंगा नदी पर कालागढ़ डैम है । यह पूरा क्षेत्र जंगल सफारी और पर्यटन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है । कोटद्वार मे सिद्बबली का प्रसिद्ध मंदिर है । यहां से तीस किलोमीटर दूर लैंसडाउन में गढ़वाल राइफल्स का रेजीमेंटल सैंटर है। लैंसडाउन एक पर्यटक केंद्र भी है। इसके आगे ताड़केश्वर महादेव का मंदिर है । इन तीनों स्थानों पर पर्यटक और श्रद्धालु भारी संख्या में आते हैं। परंतु ट्रेन की सही तरह से उपलब्धता/ सुविधा न मिलने से उनको भी काफी परेशानी होती है । माननीय सांसद, पौड़ी श्री तीरथसिंह रावत जी व राज्यसभा सांसद श्री अनिल बलूनी जी तथा कोटद्वार से विधायक और उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्षा श्रीमती ऋतु खण्डूरी जी से अपेक्षा की जाती है कि कोटद्वार के लिए अन्य शहरों से भी रेल सेवा का परिचालन शुरु करने का प्रयास करेंगे?
रिखणीखाल मुख्य बाजार में दो साल पहले,पांच लाख रुपये की लागत से बना शौचालय का जीवन खतरे में ।
रिपोर्ट:प्रभु पाल सिंह रावत
जनपद गढ़वाल का सबसे पिछड़ा विकास खंड रिखणीखाल के मुख्य बाजार का सामुहिक शौचालय अपने बुरे दिन व दुर्दशा का रोना रो रहा है।
रिखणीखाल तीन पट्टियों इडियाकोट मल्ला,पैनो व बिचला बदलपुर ,81 ग्राम पंचायत लगभग 200 गाँव का केन्द्रीय स्थान है।यहां पर कयी सरकारी व गैर सरकारी संस्थान मौजूद हैं जैसे भारत सिंह रावत राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजकीय इन्टर कॉलेज विकास खंड मुख्यालय व उसके अधीन कयी अन्य कार्यालय,बाल विकास कार्यालय,कयी प्राथमिक विद्यालय,राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य रैफर केन्द्र खंड शिक्षा कार्यालय,पंजाब नेशनल बैंक,उप तहसील,खाद्यान्न विभाग,थाना,मुख्य डाकघर व बहुत बड़ा बाजार आदि हैं।इस बाजार में रोज खूब चहलकदमी व भीड़तंत्र रहता है।रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुए खाद्य पदार्थ,मांस,मदिरा,फल सब्जी, आदि बराबर उपलब्ध रहती हैं।
दूर दूर से महिलाए,पुरुष युवा,स्कूली बच्चे अपने जरूरत की सामाग्री के लिए बाजार आते जाते हैं लेकिन उनको मल मूत्र त्यागने के लिए जो शौचालय बना है उसकी बाहरी दीवारों की ओट में या फिर झाडियो में जाने को मजबूर होना पड़ता है।महिलाओं के लिए तो दूभर हो जाता है उन्हें तो झाड़ी में ही जाना है।ये शौचालय काफी जद्दोजहद के बाद सन 2020 के अन्त में बना था जिस पर पांच लाख की धनराशि जिला पंचायत निधि से आया था,अब उसकी हालत देखने व मल मूत्र त्यागने लायक नहीं रही।शौचालय में टाइल्स का रंग ही बदली हो गया है।उसके आसपास गन्दगी व बदबू कूड़ा कचरा,फटे पुराने कपड़ों से गन्दगी पसरी है।खासकर महिलाओ को कपड़ा या साड़ी का पल्लू मुँह पर लगाकर जाना पड़ता है।अब ऐसे शौचालय का क्या फायदा?
सरकारी कार्यालयों में तैनात अधिकारी,कर्मचारी रोज उधर से गुजरते हैं लेकिन किसी का ध्यान नहीं जाता।81 प्रधान,24 क्षेत्र पंचायत सदस्य,दो जिला पंचायत सदस्य प्रमुख आदि का ये मुख्य केन्द्र है वे भी ध्यान नहीं दे सके।रिखणीखाल बाजार भीड भाड वाला है,यहां उत्तराखंड परिवहन निगम,गढ़वाल मोटर्स ओनर्स यूनियन लिमिटेड,टैक्सी व निजी वाहन की भी भारी आवा-जाही है।इन सबके लिए मल मूत्र त्यागना भारी व मुश्किल हो रहा है।
इसी शौचालय पर स्थानीय समाजसेवी राजेश नौगाई ने एक साल पहले एक वीडियो जारी भी किया था कि लोगों का ध्यान दिलाने के लिए,लेकिन उससे भी असर नहीं हुआ।उस वीडियो का शीर्षक था ” ओ प्रमुख साहब।ओ बीडीओ साहब”।
क्या अब जिला प्रशासन,लोक निर्माण विभाग व जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ओर जायेगा।देखते रहिये।
कांग्रेस नेत्री अनुकृति गुसाई रावत ने कहा,अब उन्हें राजनीति से संन्यास लेना चाहिए।
पौड़ी:लैंसडौन के विधायक महन्त दिलीप सिंह रावत कहा कि हमारी सरकार लैंसडौन के पर्यटन विकास के लिए गम्भीर नहीं है।इससे ऐसा लगता है कि ” सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास सबका प्रयास” का नारा सत्य से परे है।ये हास्यास्पद बयान आया है।सरकार विकास में रुचि नहीं ले रही है,लैंसडौन की अनदेखी की जा रही है।
इस बयान के बाद कांग्रेस नेत्री अनुकृति गुसाई रावत ने उनके बयान पर तीखा प्रहार किया है,कहा कि वे स्वयं 11 साल से तीसरी बार विधायक बने हैं।अगर पर्यटन के क्षेत्र में विकास नहीं हुआ है तो उनकी स्वयं की लापरवाही व हीला हवाली है।सबसे ज्यादा गलती उनकी ही है,विकास करना उनकी जनता के प्रति जवाबदेही है।फिर किस बात का डब्बल इंजन,त्रिपल इंजन?
मोदी जी ने कहा कि सन 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र का दर्जा देगे,हमारे मुख्यमंत्री कहते हैं कि सन 2025 तक देश का नम्बर एक राज्य बनायेगे।जब स्वयं सत्ताधारी पार्टी के विधायक ही कहते हैं कि लैंसडौन का विकास जनता के अपेक्षित नहीं हुआ है।ये बयान हास्यास्पद लग रहा है।
इस बीच अनुकृति गुसाई रावत ने कहा कि दिलीप रावत को राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए।लैंसडौन विधायक ने जो हास्यास्पद बयान दिया है कि वे 11 सालों में कुछ नहीं कर पाये और भाजपा सरकार लैंसडौन को लेकर गम्भीर नहीं है।ये इस बात को साबित करना है कि वे लैंसडौन का विकास करने में विफल रहे हैं।उनके इस बयान से अब सच सामने आ गया है।
अनुकृति गुसाई रावत ने कहा कि वे इन 11 वर्षों के कार्यकाल में लैंसडौन को पर्यटन नगरी बनाने में और रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रहे हैं जिसको उन्होंने स्वयं ईमानदारी से स्वीकार भी किया है।अब मैं उनको सलाह देना चाहूँगी कि उन्हें अब राजनीति से संन्यास लेकर किसी दूसरे को मौका देना चाहिए,जो अपने विजन के जरिये लैंसडौन शहर और विधान सभा का चहुंमुखी विकास व भला कर सके।पिछले 11 वर्षों में लैंसडौन विधान सभा पर्यटन क्षेत्र में ही नहीं बल्कि रोजगार,शिक्षा स्वास्थ्य आदि जैसे विकास के महत्वपूर्ण मामलों में भी पिछड़ गयी है।अपनी सरकार पर आरोप लगाकर विधायक दिलीप रावत ने यह बता दिया है।अब लैंसडौन का भला उनसे नहीं होने वाला है।
देहरादून: रिखणीखाल विकास समिति अपनी स्थापना के छः साल पूर्ण कर रही है।वित्त वर्षों की भाँति समिति इस वर्ष भी वार्षिकोत्सव अपने पारम्परिक लोक गीतों,रीति रिवाजों व खानपान के साथ मना रही है। समिति ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष का वार्षिकोत्सव दिनांक 08/01/2023 , रविवार, प्रातः 10 बजे से जे पी प्लाजा( ज्योति प्रसाद प्लाजा), कारगी चौक,देहरादून में मनायेगी।
इसी परिप्रेक्ष्य में आज समिति के चुनिन्दा पदाधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री माननीय त्रिवेन्द्र सिंह रावत को उनके आवास में जाकर इस वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रण पत्र दिया है,तथा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने क्षेत्र के लैंसडौन विधायक माननीय महन्त दिलीप सिंह रावत से भी व्यक्तिगत भेंट कर आमंत्रित किया है।इसी क्रम में रिखणीखाल क्षेत्र के मूल निवासी ( ग्राम डाबरी) माननीय विपिन चन्द्र घिल्डियाल,जो कि उत्तराखंड राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्त हैं,को भी इस वार्षिकोत्सव में विशेष रूप से पधारने का निमंत्रण दिया है।सभी माननीयों ने सहर्ष वार्षिकोत्सव में सरीक होने का आमंत्रण स्वीकार किया है।
देहरादून रिखणीखाल विकास समिति के इस प्रतिनिधिमंडल में समिति के मुख्य संरक्षक चन्दन सिंह नेगी,दूसरे संरक्षक राम सिंह बिष्ट,अध्यक्ष सुशील जोशी,सचिव योगेन्द्र सिंह नेगी,लेखाधिकारी हीरा सिंह बिष्ट मौजूद थे।
पौड़ी:रिखणीखाल के ग्राम पंचायत प्रधान अनिल भारद्वाज उर्फ अन्नू विगत रात्रि देवियोखाल सवारी छोड़कर अपने घर वापस लौट रहे थे कि अचानक उनका वाहन बीच जंगल के रास्ते में दुर्घटनाग्रस्त हो गया तथा वे स्वयं गम्भीर घायल हो गये।रात भर इन सर्द रातों में बीच जंगल में रात-भर कराहते व चिल्लाते रहे लेकिन उनकी कराहने की आवाज किसी को नहीं पहुँची।जिससे उनको उचित समय पर स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल सका,वे वाहन में अकेले थे।
आज सुबह जब स्कूली बच्चे स्कूल जा रहे थे तो उनकी नजर दुर्घटनाग्रस्त वाहन और घायल व्यक्ति पर पड़ी तो बच्चों ने तुरंत इसकी सूचना गाँव तक पहुंचायी।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रखर समाजसेवी व पूर्व प्रधान चन्द्रपाल सिंह रावत निवासी चपडेत ने मौके पर जाकर गम्भीर घायल प्रधान को अपने निजी वाहन से बिना देरी किये राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल पहुंचाया।अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल में उनका उपचार चल रहा है।
पौड़ी रिखणीखाल के निवासी मंगत सिंह रमोला ने लोक सूचना अधिकारी/ खंड विकास अधिकारी रिखणीखाल एवं अन्य सम्बन्धित लोक सूचना अधिकारियों से सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत,रिखणीखाल प्रखंड में अवस्थित 81 ग्राम पंचायतों के लगभग 200 से अधिक गाँवों का 01/04/2020 से 31/03/2021 तक का विधायक निधि,राज्य वित,मनरेगा आदि के विषयक लोक सूचना अधिकारियों से सूचना मांगी थी जो काफी जद्दोजहद व राज्य सूचना आयोग की सख्ती के बाद अपीलकर्ता को मिल गई है,ये लगभग दस किलोग्राम वजनी तथा लगभग आठ सौ पृष्ठों में तैयार हुआ है।जो कि अपीलकर्ता के पास सुरक्षित है।जब अपीलकर्ता द्वारा सरसरी तौर पर अध्ययन किया गया तो लगा कि रिखणीखाल प्रखंड तो विकास में अन्य विकास खंडों से आगे है जैसा कि दस्तावेज में दर्शाया गया है।
यहाँ तो विकास की बयार आयी हुई है।लगभग 99% विकास कार्य पूर्ण हो चुके हैं।उसकी फाइनल रिपोर्ट जारी करके सम्बन्धित ठेकेदारों को भुगतान हो चुका है।आर टी आई दस्तावेज से पता चलता है कि रिखणीखाल के दूरस्थ गाँव तक विकास कार्य कहीं छूटे नहीं है।
अब सिर्फ इन चार पेजों को ही देखिए जो कार्य दिखाया गया है,वह हुआ भी है या नहीं?या फाइलों में ही दफन हो गया।आखिर लोग विकास का रोना क्यों रोते हैं।ये दस्तावेज गवाही दे रहे हैं।
अपीलकर्ता का ग्रामीणों से अनुरोध है कि जो ये चार पेज संलग्न हैं,इनमें कितना काम हुआ है या नहीं हुआ।क्योंकि अपीलकर्ता को 81 ग्राम पंचायतो का पता नहीं लगेगा।ये सम्बन्धित गाँववासी ही पुष्टि कर सकते हैं।या फिर भविष्य में मत कहना कि रिखणीखाल मे विकास कार्य अवरुद्ध हैं।अब देखते हैं कि बिल्ली के गले में घंटी बांधने कोई सामने आता है कि नहीं! loped