देहरादून: दिनांक 2 दिसम्बर 2023 को आम आदमी पार्टी द्वारा जिला देहरादून की विकासनगर विधानसभा के कार्यकर्ताओं के द्वारा आप की जनजागृतिसभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे आप के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एस.एस.कलेर जी उपस्थित रहे। उन्होने उपस्थित कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुऐ कहा कि आप भारत की पहली ऐसी पार्टी है जिसने इतने कम समय मे जनता के दिल मे जगह बनाई है उसका उदाहरण दिल्ली व पंजाब मे भारी बहुमत से बनी आप की सरकार है।
केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा उत्तराखंड मे जल्द ही संगठन का पुर्ननिर्माण होना सुनिश्चित है व पार्टी आगामी समस्त चुनाव मे भागीदारी करने हेतु तैयार है जिसके चलते पार्टी के समस्त कार्यकर्तागण वार्ड स्तर पर दिल्ली-पंजाब सरकार द्वारा समाज के अंतिम व्यक्ति के लिऐ किये जा रहे अभूतपूर्व कार्यो को जन जन तक पहुँचाने का कार्य करेंगे।
इस अवसर पर पूर्व प्रदेश महासचिव विशाल चौधरी जी ने कहा कि आम आदमी पार्टी उत्तराखंड मे पुनः एक बार बडी ताकत के रूप मे उभरकर कर आ रही है, देवभूमि की जनता भाजपा काँग्रेस की भ्रष्ट सरकारों से थक चुकी है। जिसके फलस्वरूप आगामी चुनाव मे आप के प्रतिनिधि बडी संख्या मे निर्वाचित होकर अपने क्षेत्र की जनता के सरोकार को पूर्ण करते नजर आऐंगे, पार्टी के नेतृत्व द्वारा जल्द ही उत्तराखंड मे बूथ स्तर तक रिति नीतियों को पहुँचाने के लिए बडे स्तर पर अभियान चलाया जाऐगा।
इस अवसर पर बडी संख्या मे स्थानीय लोगो मे कलेर जी की मौजूदगी मे आम आदमी पार्टी का दामन थामा।
इस अवसर पर पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ डॉ• शोएब अंसारी, पूर्व संगठन मंत्री मनोज चौधरी, गुलफाम अहमद, संजीव शर्मा,अमित अग्रवाल, विरेन्द्र सिंह,श्यामलाल नाथ,सलीम,इकबाल बेग, जमशेद मलिक, खुर्शीद, बबलू सिंह, संदीप हैरिस, मुकुल बिडला आदि उपस्थित रहें।
पौड़ी:रिखणीखाल जानकारी मिली है कि रिखणीखाल विकास खंड के अन्तर्गत बंजादेवी के आसपास मंदाल नदी से अवैध खनन का धंधा जोरों से चल रहा है,जबकि अभी खनन पर प्रतिबंध है।ये ट्रैक्टर ट्रॉलियों में रेत ,बजरी, पत्थर व मलवा भरभर कर निर्माण कार्य के लिए मंदाल नदी का सीना चीरते फाड़ते जा रहे हैं। यहाँ से खनन भारी मात्रा में किया जा रहा है।इसका नुकसान बरसात में उफनती नदी में नजर आयेगा। लगता है इनको संरक्षण मिलता होगा तभी खुलेआम दिन दोपहर में मंदाल नदी का सीना चीरा जा रहा है।
देहरादून: रिखणीखाल विकास समिति की कार्यकारिणी की बैठक दिनांक 03 दिसम्बर, 2023 रविवार प्रातः 10:30 बजे श्रीमती कल्पना बिष्ट, पूर्व उपाध्यक्ष के निवास बिग वे रेस्टोरेंट, आर आई एम सी गेट के सामने बल्लुपुर से गढ़ी कैंट रोड़, देहरादून मेें आयोजित की जा रही है।
सभी कार्यकारिणी के सम्मानित सदस्यों व अन्य सभी इच्छुक सदस्यों से बैठक में सम्मिलित होने की अपेक्षा की जाती है।बैठक में आगामी स्थापना दिवस /वार्षिकोत्सव मनाने,द्विवार्षिक समिति के चुनाव व अन्य विषयों पर विचार-विमर्श किया जायेगा। समस्त सदस्यों के विचार सादर आमंत्रित हैं। इसलिए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थिति देकर बैठक को सफल बनायें। बैठक को मिस्स न होने दें।
पौड़ी : जिला प्रशासन व प्रेस यूनियन पौड़ी के संयुक्त तत्वाधान में उत्तराखंड के प्रसिद्व लोकपर्व इगास का रामलीला मैदान पौड़ी में आयोजन करके स्थानीय लोक संस्कृति के संरक्षण में बड़ा कदम उठाया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान सहित प्रेस यूनियन के पदाधिकारी, जनपद स्तरीय विभिन्न अधिकारियों व कार्मिकों के साथ-साथ व्यापार मंडल के सदस्यों, महिला मंगल दलों, लोक संस्कृति से जुड़े स्थानीय कलाकारों, बच्चों, बुजुर्गों सहित स्थानीय जनमानस ने जनपद में दूसरी बार आयोजित किया गया इगास लोकपर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इगास पर्व कार्यक्रम का शुभांरभ करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में वैश्वीकरण के दौर में हमारे स्थानीय संस्कृति पीछे ना छूट जाए इसके लिए युवा पीढ़ी को पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ संस्कार व संस्कृति से रूबरू कराना आवश्यक है। कहा कि वैश्वीकरण के दौर में लोग अपनी स्थानीय संस्कृति को भूलते-बिसरते जा रहे हैं। जबकि हमें अपनी स्थानीय संस्कृति की अच्छी चीजों को देश-दुनियां के सामने लाना चाहिए। इससे एक ओर तो लोग हमारी संस्कृति से रूबरू होंगे दूसरी ओर लोग जब हमारे क्षेत्र में पर्यटन भ्रमण पर आयेंगे या हमारे स्थानीय उत्पाद-व्यंजकों को अपनायेंगे तो इससे हमारी आर्थिकी भी मजबूत होगी। इसलिए लोगों को अपनी मूल जड़ो से जुड़े रहना चाहिए व अपनी संस्कृति के बलबूते जितना बेहतर हम हासिल कर सकते है उस दिशा में सकारात्मक पहल करती रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का लोक पर्व इगास को अगले वर्ष भी बेहतर तरीके से मनाया जाएगा।
दो वर्षों से लगातार मनाया जा रहा है इगास पर्व को देखकर लोगों ने जिलाधिकारी और प्रेस यूनियन की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस तरह जनपद पौड़ी से लोक संस्कृति को बचाने की अनुठी मुहिम शुरू हुई है इससे स्थानीय संस्कृति के शूभचितंकों, स्थानीय निवासियों और पहाड़ की संस्कृति से प्यार जताने वालों को आशा जगी है कि अब स्थानीय संस्कृति के दिन फिर से बहुरने वाले हैं। सभी लोगों ने जिलाधिकारी को इस पुनित कार्य के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि संस्कृति के संरक्षण के इस तरह के प्रयास आगे भी निरंतर होते रहने चाहिए।
स्थानीय महिला मंगल दल की टीम द्वारा इगास गीत, वीर माधो सिंह भंडारी के इगास गीत गाकर लोक पर्व पर शानदार प्रस्तुति भी दी। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हुए भैलो खेला गया और ढोल-दमाऊ की थाप पर थिरकते नजर आये। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रेस यूनियन के पदाधिकारी त्रिभुवन उनियाल ने कहा कि हमें अपने त्योहारों को हर वर्ष इसी तरह मनाना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी भी अपनी लोक संस्कृति को एक अलग पहचान दिला सकेगी। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, ब्लॉक प्रमुख पौड़ी दीपक खुगशाल, प्रेस यूनियन के अध्यक्ष राकेश रमन शुक्ला, व्यापार संघ से कुलदीप गुसाईं, प्रेस यूनियन के पदाधिकारी कुलदीप बिष्ट सहित प्रेमचंद ध्यानी, मधु खुगशाल, सुमनलता ध्यानी व विभिन्न विभागों के अधिकारी- कार्मिक व स्थानीय लोग उपस्थित थे।
घोषणा
मैं _ हूं, एक भारतीय निवासी/ का पति/पत्नी/बेटा/बेटी हूं, उम्र_35 हूं।वर्तमान में ___द्वारकादिल्ली___ पर रह रहे हैं, इसके द्वारा निम्नलिखित को सत्यनिष्ठा से स्वीकार और घोषित करते हैं:
मृतक _मनोरथ निराला एक मकान है जो शालीमार गार्डन मै पंजीकृत हैं का नाम) शेयर सर्टिफिकेट नंबर के तहत पंजीकृत थे। अद्वितीय संख्या वाले __ से _ तक।
वह (शेयरधारक का नाम), जिसका __मनोरथ निराला को निधन हो गया।
कि मैं मृतक का वैध उत्तराधिकारी हूं। मैं मृतक का (कौन सा रिश्ता) बेटी__ हूं।
मैं मृतक के स्वामित्व वाली उपरोक्त प्रतिभूतियों पर किसी भी स्वामित्व अधिकार का दावा नहीं करना चाहता। मैं उपरोक्त प्रतिभूतियों के संबंध में मेरे वर्तमान और भविष्य के किसी भी और सभी दावों को माफ करने के लिए सहमत हूं।
मैं एतद्द्वारा घोषणा करता हूं कि आवेदक के नाम पर उपरोक्त प्रतिभूतियों को स्थानांतरित करने में मुझे कोई आपत्ति नहीं है।
मैं इसे उचित कंपनी अधिकारियों को सौंपने के लिए इस घोषणा पर हस्ताक्षर कर रहा हूं।
मैं एतद्द्वारा प्रमाणित करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरी सर्वोत्तम जानकारी के अनुसार सटीक है।
पौड़ी: रिखणीखाल कंडलसेरा (द्वारी) -भौन सड़क मार्ग को बने लगभग 20 साल हो गये हैं। तब से सिर्फ एक ही बार 10 साल पहले इसका डामरीकरण हुआ है।तब से अभी तक विभाग द्वारा दुबारा डामरीकरण नहीं किया गया है।
सड़क की हालत बहुत गम्भीर व जर्जर है।रेत बजरी उखड़ चुकी है।स्थानीय जनता कयी बार गुहार लगा चुकी है लेकिन कौन सुने।सड़क पर सफर करना कठिन हो गया है।इस क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व भी काफी है।जितनी बार सफर करते हैं उतनी बार सरकार को कोसते रहते हैं। सुना है कि अब 30 नवम्बर 2023 तक सडकें गढ्ढा मुक्त हो रही हैं। गढ्ढा मुक्त न होने पर निलंबन की कार्रवाई होने को कहा जा रहा है।
अब लोग इस आस में बैठे हैं कि इस लहर में इस सड़क का भी भला हो जाये।सुदूरवर्ती क्षेत्र होने के कारण कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
देहरादून : आज दिनांक 21 नवम्बर, 2023 को ’’ऑपरेशन मुक्ति’’ के सम्बन्ध में आमजन को जागरूक किये जाने हेतु पुलिस लाईन देहरादून में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्री अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस का यह अभियान भिक्षा नहीं शिक्षा की ओर अग्रसर है। ’हर हाथ में हो किताब’ इस उद्देश्य के साथ पुलिस विभाग द्वारा अन्य संस्थाओं के सहयोग से ऑपरेशन मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनका बचपन देना जरुरी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बच्चों को भिक्षा देकर हम उनकी मदद नहीं करते, बल्कि उन्हें भिक्षावृत्ति की ओर धकेल रहे हैं, जिसके दूरगामी परिणाम समाज के हित में नहीं हैं।
ड्रॉपआउट की समस्या पर उन्होंने ऑपरेशन मुक्ति टीम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बच्चों की स्कूली शिक्षा दीक्षा एवं कल्याण के लिए प्रचलित सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर बच्चों को उनसे भी लाभान्वित करने का प्रयास करें। वर्ष 2017 से प्रारम्भ किये गये इस अभियान में अभी तक 3603 बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया गया है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि ऑपरेशन मुक्ति अभियान में पुलिस कर्मियों की विशेष कार्ययोजना से मिले सकारात्मक परिणाम हम सबके सामने हैं।
इससे पूर्व कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा अभियान के अन्तर्गत विद्यालयों में दाखिला कराये गये बच्चों को आवश्यक पाठन सामग्री वितरित की गयी। कार्यक्रम में राजकीय प्राथमिक विद्यालय शिवनगर सेलाकुई, राजकीय प्राथमिक विद्यालय रायपुर, प्राथमिक स्कूल रानीपोखरी एवं खुड़बुड़ा के बच्चों द्वारा मनमोहक कविता का प्रस्तुतिकरण किया गया। इस अवसर पर अभियान में सहयोग करने वाले आरोग्यधाम अस्पताल के डॉ विपुल कंडवाल, आदित्य बिड़ला के जोनल हेड डॉ0 अभिषेक कपूर, एस0डी0एफ0सी0 के सर्किल हेड डॉ बकूल सिक्का, एडिटर श्री मोहम्मद सलीम सैफी, रिटायर्ड बैंक मैनेजर श्री एस0पी0 जयसवाल, बचपन बचाव आन्दोलन से सुरेश उनियाल, रिटार्ड साईन्टिस्ट डॉ टी0एन0 जौहर को पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा सम्मानित किया गया।
अभियान की थीम-’’भिक्षा नहीं, शिक्षा दें’’ व “Support to educate a child”
अभियान का स्थान- अभियान समस्त जनपद के मुख्य-मुख्य स्थान जहां बच्चों द्वारा द्वारा भिक्षावृत्ति की जाती है, पर चलाया जाता है।
अभियान का उद्देश्यः- भिक्षावृत्ति, बालश्रम, बच्चों के साथ होने वाले अपराधों पर प्रभावी रोकथाम करना, बच्चों को भिक्षा न दिये जाने के सम्बन्ध में जनता को जागरूक करना तथा भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को शिक्षा हेतु प्रेरित करना व उनके पुनर्वास हेतु नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करना।
अभियान की टीमः- जनपद देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल में चार टीम (उपनिरीक्षक-1, आरक्षी-4), (04 टीमों में से 01 टीम एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की)। शेष जनपदों में एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम द्वारा उक्त अभियान को चलाया गया। रेलवेज में भी एक टीम (उपनिरीक्षक-1, आरक्षी-4) का गठन किया गया। प्रत्येक टीमों की सहायता हेतु 01-01 विधिक (अभियोजन अधिकारी) एवं टेक्निकल टीम (डी0सी0आर0बी0) अभियान तीन चरणों में सम्पादित किया गया हैः-
प्रथम चरणः- (Observation Period) भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों व उनके परिवारों का पूर्ण विवरण संलग्न प्रारूप में तैयार करना तथा ऐसे बच्चे जिनका विद्यालयों/डे केयर में दाखिला किया जाना है, का चिन्हिकरण करना।
द्वितिय चरणः- (Awareness/Enforcement Period)समस्त स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक स्थानों, महत्वपूर्ण चौराहों, सिनेमाघरों, बस व रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों आदि स्थानों पर बच्चों को भिक्षा न दिये जाने के सम्बन्ध में बैनर, पोस्टर, पम्पलेट, नुक्कड़ नाटक, लाउड स्पीकर Short Movie सोशल मीडिया आदि के माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाकर जनता को जागरूक करना।
तृतीय चरणः-(Enforcement/Rehab Period) भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को भिक्षावृत्ति से हटाकर उनके तथा उनके माता-पिता की कॉउन्सलिंग कर बच्चों को शिक्षा प्रदान करने तथा उनके माता-पिता को रोजगार दिलाने का प्रयास करना। बच्चों के पुनः भिक्षावृत्ति में लिप्त पाये जाने पर उनके माता/पिता के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कर कार्यवाही करना तथा किसी भी प्रकार का संदेह होने पर डी0एन0ए0 टेस्ट की कार्यवाही करना।
इस कार्यक्रम मे श्री ए0पी0 अंशुमान (अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था), श्री करन सिंह नगन्याल (पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र), श्री अजय सिंह, (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून:भाजपा समर्थक मंच के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष सचिन दीक्षित ने आज दिनांक 21 नवंबर 2023 को मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून से शिष्टाचार भेंट करते हुए शहर के विभिन्न मुद्दों को लेकर उनसे बातचीत की। इसमें प्रमुख रूप से शहर में फैल रहे डेंगू और शहर की स्वच्छता, साफ सफाई मुद्दा अहम रहा। वार्ड नंबर 11 में साफ सफाई, रोड पर जो पानी बह रहा है उस पर तत्काल रोक लगाने हेतु और अनेक मांगों को लेकर को लेकर ज्ञापन प्रेषित करते हुए उचित कार्यवाही की मांग की है, सचिन दीक्षित ने बताया मुख्य रूप से वार्ड 11 और मथुरा वाला नई बस्ती में फैली हुई अन्यmiताओं, सुधार करवाते हुए और अपने वार्डों एवं क्षेत्र कॉलोनी के अंदर भी प्रतिदिन नगर निगम द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किए गए सुपरवाइजर के माध्यम से प्रतिदिन नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाए,
सचिन दीक्षित ने बताया डेंगू जैसे वायरस को देखते हुए नियमित फकिंग और कई जगह पानी की निकासी वाले पाइप डालने की मांग की तथा महामारी को लेकर भी आशंका व्यक्त करते हुए पूर्व से ही तैयारी करवाने की भी मांग की गई, मुख्य नगर आयुक्त जी की अनुपस्थिति में उपनगर आयुक्त द्वारा ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का भरोसा भाजपा समर्थक मध्य प्रदेश कार्यकारिणी को दिया गया.. ज्ञापन प्रेषित करने वालों में उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष सचिन दीक्षित वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सोनू बालाजी, प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित कुमार, जिला अध्यक्ष अधिवक्ता प्रकोष्ठ एडवोकेट मनीषा चौधरी जी, और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिखणीखाल-गणेशी देवी का जन्म 20 नवम्बर, 1925 को जनपद गढ़वाल के रिखणीखाल के गाँव नावेतल्ली में स्वर्गीय ठाकुर शेर सिंह रावत मालगुजार के घर में कोईराला रावत परिवार में हुआ। वे पाँच भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। सभी भाई-बहन ने अपने जीवन के 90 से 101 वर्ष पूरे किये।अब वे इस दुनिया में नहीं रहे।गणेशी देवी का गाँव रिखणीखाल के ही ग्राम ढुंगियाचौड है।उनकी इस अवस्था में खूब अच्छी तरह देखभाल हो रही है।वैसे भी वे निरोग महिला हैं।
गणेशी देवी की शिक्षा दीक्षा नहीं हुई। उस जमाने में स्कूल दूर होते थे तथा लड़कियों को पढ़ाने का रिवाज नहीं था।इनके पिता ठाकुर शेर सिंह रावत मालगुजार हुआ करते थे।वे मधुर स्वभाव तथा धीमी आवाज वाली महिला है।आज वे अपने नाती पोतों के साथ खुशी जीवन बिता रही हैं। इनके पिता का सन 1949 में निधन हो गया था।इनकी माता का नाम गमोदी देवी था।दादा का नाम मोती सिंह तथा दादी का नाम कुंवरी देवी था।
उत्तराखंड में अक्सर देखा जाता है कि पर्वतीय क्षेत्रों में लोक संस्कृति की अनदेखी के कारण वहाँ के वाद्य यंत्र (ढोल, दमाऊ,मशकबीन, डौंर, हुड़का, रणसिन्घा आदि)के संवाहक कलाकारों की कमी होती जा रही है,जो कि पहले से पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही थी।इस कार्य को अपने पिता,दादा,परदादा से निपुणता हासिल करती रही।लेकिन अब देखा गया है कि सरकार की उदासीनता व रुचि न लेने के कारण नये कलाकार उभरकर नहीं आ रहे हैं तथा अब शर्मिन्दगी महसूस कर रहे हैं। ये सब सरकार से प्रोत्साहन व उचित मानदेय न मिलने से हो रहा है।अब जो बचे खुचे वाद्य यंत्र के कलाकार हैं वे भूखमरी की कगार पर पहुँच गये हैं। पहले समय मेें परदादा, दादा,पिता की विरासत संजोये रहते थे तथा पेशे को छोड़ते नहीं थे।लेकिन अब विलुप्त होता जा रहा है।
सरकार को इन वाद्य यंत्र कलाकारों को उचित मंच देकर इनका निरन्तर प्रोत्साहन देना चाहिए तभी ये कला जीवित रह पायेगी। ये लोग कई सालों से इस ढोल विद्या, जागर प्रथा को ढोते आ रहे हैं। अब इनको उचित मानदेय देकर इनका हौसलाअफजाई करना होगा तभी नये कलाकार उत्पन्न होंगें।
इसी कड़ी में जब रिखणीखाल प्रखंड के ग्राम द्वारी के ढोल व जागर सम्राट राजू जागैया का कहना है कि अब हमारे बच्चे रुचि नहीं ले रहे हैं, ये प्रथा तभी तक जीवित है जब तक हमारी पीढ़ी है,बाद में थाली बजाने वाला तक नसीब नहीं होगा।वे कहते हैं ये कामकाज हम कयी पीढियों से चलाते आ रहे हैं, अगर सरकार अभी भी नहीं जागी तो ये वाद्ययंत्र गुमनाम हो जायेगें।
सरकार को हमारी नयी पीढी को प्रोत्साहन देकर व उचित मानदेय देकर इस कार्य को आगे बढ़ाना होगा।राजू जागैया ढोल,डौंर, हुड़का में जागर लगाने के विशेषज्ञ हैं सिर्फ पिछडे हैं तो उचित मंचन न मिलने व प्रचार प्रसार न होने के कारण व सरकार की उपेक्षा होने से गुमनाम रहे हैं। उन्होने अपनी पीड़ा जताकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने को कहा है।