रिखणीखाल:तहसील दिवस में कठुलिया महादेव चुरानी सड़क निर्माण का मुद्दा गरमाया,विभाग को दी चेतावनी,न करने पर स्वयं करेगें सड़क निर्माण।

प्राचीन शिव शक्ति पीठ कठुलिया महादेव मंदिर,रिखणीखाल प्रखंड के अन्तर्गत पूर्वी नयार नदी तथा वल्सा गाड़ के संगम तट पर स्थित है।यह तीन विकास खंडों रिखणीखाल,पोखडा,बीरोखाल को जोड़ने का मिलान केंद्र है।यह पौराणिक मंदिरों में से एक विशेष महत्व व आस्था का प्रतीक है।

विगत दिवस 07/02/2023 को रिखणीखाल सभागार में जिलाधिकारी गढ़वाल के निर्देश पर तहसील दिवस का आयोजन किया गया था,जिसमें लगभग सभी विभागों के अधिकारीगण व कर्मचारी हाजिर रहे।उप जिलाधिकारी लैसडौन एस एस सैनी की अध्यक्षता में आयोजन हुआ।
प्राचीन शिव शक्तिपीठ कठुलिया महादेव मंदिर समिति चुरानी व क्षेत्रीय न्याय पंचायत चुरानी के लोगों ने पूर्व में स्वीकृत मोटर मार्ग का लम्बे समय से लम्बित रहने का मुद्दा उठाया।उनका कहना था कि रिखणीखाल- बीरोखाल सड़क मार्ग पर चुराणी के समीप से कठुलिया महादेव मंदिर चुराणी का मोटर मार्ग प्रस्तावित किया गया था।विगत वर्षों में केवल 500 मीटर सड़क बनकर तैयार हो चुकी है।शेष तीन किलोमीटर सड़क का दो बार विभाग द्वारा सर्वेक्षण भी किया जा चुका है,लेकिन सर्वे होने के एक साल से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य आरम्भ नहीं हुआ है।जिससे स्थानीय जनता अचंभित है व दिन भर दिन आक्रोश बढ़ता जा रहा है।यहाँ के स्थानीय लोग जिले के आला अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को लिखित व मौखिक गुहार लगा चुके हैं लेकिन हर बार उनकी अनसुनी हो रही है व स्थिति जस की तस बनी है।

आज तहसील दिवस के अवसर पर मंदिर समिति व स्थानीय लोगों ने जोर शोर से सड़क निर्माण का मुददा उठाया।इस मौके पर विभाग के अवर अभियंता श्री विष्णु व ममता रावत भी थे,उनसे जानकारी साझा की तथा शीघ्र सड़क मार्ग कार्य आरम्भ करने को कहा।जिलाधिकारी गढ़वाल व अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग लैंसडौन को तहसील दिवस के मार्फत ज्ञापन दिया।यह मोटर मार्ग त्रिवेन्द्र सरकार के सभ्य दिनांक 10/03/2019 को प्रस्तावित किया गया था,लेकिन चार साल पूर्ण होने के बाद भी वही दिन देखने पड रहे हैं जो अंग्रेजों के समय से देखते आ रहे हैं,जबकि अब मोदी युग चल रहा है।
अब मंदिर समिति व स्थानीय जनता ने विभाग को अल्टीमेटम दिया है कि 31 मार्च,2023 तक सड़क निर्माण कार्य आरम्भ करें।ऐसा न करने पर समिति व आम जनता स्वयं के अपने खर्चे व श्रमदान से सड़क निर्माण कार्य शुरू करेगें।

















