रिपोर्ट:कपिल शर्मा
गाज़ियाबाद:शिव मंदिर बालाजी धाम हिंडन विहार से सालासर रानी सती खाटू श्याम पांडुपोल मेहंदीपुर बरसाना होते हुए आज गाजियाबाद आगमन पर हिंदू हृदय सम्राट महंत मछंदर पुरी जिला गाजियाबाद के हिंदुओं ने जगह-जगह स्वागत किया
रिपोर्ट:कपिल शर्मा
गाज़ियाबाद:शिव मंदिर बालाजी धाम हिंडन विहार से सालासर रानी सती खाटू श्याम पांडुपोल मेहंदीपुर बरसाना होते हुए आज गाजियाबाद आगमन पर हिंदू हृदय सम्राट महंत मछंदर पुरी जिला गाजियाबाद के हिंदुओं ने जगह-जगह स्वागत किया
गाजियाबाद से कपिल शर्मा
कपिल शर्मा ने की गोरखपुर राज्यसभा सांसद डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल से एक खास मुलाकात गोरखपुर पहुंच कर कपिल शर्मा ने गोरखपुर के राज्यसभा सांसद डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल से एक खास मुलाकात की और साथ में ही गोरखपुर के ग्रामीण विधायक माननीय विपिन सिंह जी से भी एक खास मुलाकात की इन दोनों ने कपिल शर्मा को बहुत-बहुत बधाई दी और हार्दिक शुभकामनाएं दी गोरखपुर का विकास ऐसे ही होता रहेगा और आप जैसे होनहार कर्मठ साथी हमें मिलते रहेंगे इन्होंने कपिल शर्मा को विश्वास दिलाया है कि आपके साथ हम तत्पर तैयार हैं हमेशा रहेंगे और कोई भी कार्य होगा आप हमें बताएं हम आपका कार्य अवश्य कर आएंगे इन्हीं शब्दों के साथ विधायक और सांसद जी ने कपिल शर्मा को शुभकामनाएं एवं बधाई दी और अपना आशीर्वाद दिया

भगवान शिव के भक्तों की पवित्र आस्था भरपूर,निर्मल,पवित्र ताड़केश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव का एक अच्छा उदाहरण है।

भगवान शिव महादेव के साथ एक राक्षस ताड़केश्वर का नाम जोड़कर जाना जाता है।ताड़केश्वर महादेव शिव के प्रति गहरी आस्था और भक्ति का सिद्धपीठ मंदिर है।किंवदंतियों के अनुसार तारकासुर एक राक्षस था,जिसने वरदान के लिए इस स्थान पर भगवान शिव का ध्यान और पूजा की थी।

सिद्धपीठ श्री ताड़केश्वर की महिमा व महता का वर्णन ये है कि श्री ताड़केश्वर धाम का मंदिर आदिकालीन 1500 साल पुराना सिद्ध स्थान है।ताड़केश्वर एक सिद्ध पुरुष अजन्म संत थे।वह शिव स्वरूप थे तथा भगवान शिव के ही तेजोमयी अंश से प्रकट हुए थे।वह दिगम्बर वेषधारी,एक हाथ में त्रिशूल एवं चिमटा दूसरे हाथ में डमरू बजाते हुए,शरीर पर भस्म लगाकर अपने ईष्ट शिव का जप करते हुए इधर-उधर विवरण किया करते थे।विचरण अवस्था में यदि कोई मनुष्य गलत काम करते हुए देखा गया ,अपने स्वार्थ के लिए गाय बैलों को पीटते देखा गया तो उसे जोर से आवाज देकर फटकारते थे तथा उसे आर्थिक व शारीरिक दंड देने की चेतावनी देते थे।जो उनकी शरण में गया जिन्होंने उन्हें सही रूप में पहचाना,उन्हें मन इच्छित फल दिया।यह सिद्ध पुरुष मानव को गलत काम करने पर उन्हें ताड़ते थे।ताड़ने का अर्थ होता है,डांटना,फटकारना,पीटना।इसीलिए यह जन समुदाय में ताड़केश्वर के नाम से प्रसिद्ध हो गए।

यह सिद्धपीठ लैंसडौन कस्बे से 38 किलोमीटर की दूरी पर तथा 1800 मीटर की ऊंचाई पर घने जंगलों के बीच स्थित है।यह मंदिर देवदार के पेड़ों और शान्त वातावरण से आच्छादित है।इसे संतों के लिए सर्वोत्तम ध्यान स्थान के लिए पसन्द किया जाता है।
यह ताड़केश्वर महादेव मंदिर लैंसडौन कस्बे से डेरियाखाल,चुन्डाई,सिसल्डी,अधारियाखाल,चखुलियाखाल नामक स्थान से बायीं तरफ पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।मंदिर तक पक्की सड़क है।जहाँ पर वाहनों के लिए पार्किंग स्थल भी बनाया गया है।इस पार्किंग स्थल से मंदिर तक लगभग 300 मीटर का सफर पैदल चलने पड़ता है।पैदल मार्ग पर पूरे रास्ते पर टिन शैड पड़ीं है।ताकि बारिश से बचाव हो सके।सर्दियों में धूप देखने को भी नहीं मिलती।चखुलियाखाल से पांच किलोमीटर सड़क मार्ग पर बांज,बुरास,काफी तथा चीड के पेड़ अपनी प्राकृतिक छटा बिखेरे हुए हैं।पार्किंग स्थल के पास यात्रियों के लिए प्रसाद आदि का समुचित प्रबंध है।मंदिर में आश्रम व धर्मशाला मौजूद है।शिवरात्रि के दिन ताड़केश्वर मंदिर में दूर दूर से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।कयी भक्तों का ये मानना है कि भगवान शिव अभी भी वहाँ हैं और गहरी नींद में हैं।हजारों घंटियों ने मंदिर परिसर को घेर रखा है जो श्रद्धालुओं ने अर्पित किये हैं।यहाँ जाने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन कोटद्वार है।जो कि लगभग 70 किलोमीटर है।ये श्री ताड़केश्वर महादेव मंदिर जनपद पौड़ी गढ़वाल के रिखणीखाल व जयहरीखाल प्रखंड की सीमा पर स्थित है।मंदिर में भंडारा आदि बराबर चलता रहता है
वैसे गढ़वाली ढाबों की भी भरमार है,जहां पर आपको मंडवे की रोटी,फाणू,राजमा,चावल,दाल,कंडाली की खिचड़ी आदि आसानी से मिल जाता है।उधर रिखणीखाल से आते समय आपको स्वादिष्ट भोजन व घर जैसा खाना खाने के लिए ढाबखाल मुख्य बाजार के साथ ” रावत होटल” प्रसिद्ध है।जहाँ पर सुबह से मध्य रात्रि तक खुला रहता है।जिसके संचालक लोक गायक करण रावत के पिता हरीश रावत हैं।

श्री ताड़केश्वर महादेव मंदिर गर्मियों के मौसम के लिए बहुत ही मनोरम व दर्शनीय स्थल है।कड़क गर्मी में भी सर्दी का अहसास होता है।पावन पर्वों पर श्रद्धालुओं व पर्यटकों का तांता लगा रहता है।यहाँ देवदार के ऊँचे पेड़ दर्शकों का मन मोह लेते हैं।
पौड़ी:रिखणीखाल प्रखंड के अन्तर्गत कंडलसेरा- द्वारी- क्वीराली सड़क मार्ग प्रान्तीय खंड लोक निर्माण विभाग लैंसडौन की उदासीनता व अनदेखी के कारण बुरे दिन झेल रहा है।सड़क पर कदम कदम पर गहरे जख्म व कीचड़ दिखाई दे रहा है।सड़क के दोनों ओर कंटीली झाड़ियां सड़क की चौड़ाई को प्रभावित कर रही हैं।इन कंटीली झाडियो से लोग चोटिल व खरोंच लग रहे हैं।सवारियों का सिर वाहन के उछल कूद से वाहन के छत से टकरा रहा है।वृद्ध महिलाओं व गर्भवती महिलाओं को तो ज्यादा दिक्कत है।
ये वाक्या 16/01/2023 के सायंकाल का है,जिसमें एक वाहन ऐसा दिखाई दिया जिसमें सवारियां ठसाठस भरी थी।पांच छः लोग वाहन के छत पर भी सफर करते देखे गये।सात सीटर वाला वाहन 15-20 सवारियां ढो रहा था।चैकिंग के नाम पर इस इलाके में कुछ भी नहीं है।सवारी वाहनों की अनुपलब्धता के कारण लोग मजबूरन छत पर सफर करते हैं।सड़क की हालत किसी से छिपी नहीं है,कभी भी कोई अनहोनी होने की सम्भावना बनी है।ये सड़क पूर्व में पी एम जी एस वाई के अधीन थी अब लोक निर्माण विभाग के पास है।इसका डामरीकरण लगभग आठ दस वर्षों से नहीं हुआ।
क्या लोक निर्माण विभाग लैंसडौन इस सड़क पर अपनी नजर फेरेगा या नहीं।या बजट का रोना रोते रहेगा।कुछ दिन शासन से गढ्ढा मुक्त का आदेश हुआ था,लेकिन रिखणीखाल में तो सब सडकें गढ्ढा युक्त हैं।क्योंकि यहाँ तो रामराज्य है।न कोई देखने वाला,न सुनने वाला न करने वाला।अब जायें तो कहाँ जायें?
रिपोर्ट: कपिल शर्मा
गाज़ियाबाद:राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप के जन्मदिन का आयोजन उनके आवास पर किया गया जहां बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
बजरिया के वार्ड अध्यक्ष शरद कुमार शर्मा एडवोकेट ने भी राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप के आवास पर जाकर जन्मदिन की बधाई अपने साथियों सुरेंद् पाल,सनी कुमार,प्रेमलता कोरी,दीपक शर्मा,सौरभ,संजय कुमार,हनी आदि साथियों के साथ दी।

रिपोर्ट:कपिल शर्मा
गाजियाबाद:अंतरराष्ट्रीय गौ माता सेवा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश उपाध्याय की संस्तुति पर वर्षा हजेला को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया। और आशा करते हैं कि इस अंतर्राष्ट्रीय गौ माता सेवा महासंघ मैं बहुत ही निष्ठा एवं बहुत ही अच्छी तरीके से निभाएंगे और इस महासंघ को बहुत ही आगे ले जाएंगे आपसे आशा करते हैं कि इस महासंघ में आप कर्मठ कार्यकर्ताओं के तरीके से अपना कार्य निभाएंगे अंतरराष्ट्रीय गौमाता सेवा महासंघ के सभी कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद से मनोनीत वर्षा हजेला को बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी ऐसे ही भविष्य में आगे तरक्की करती रहे।

रिपोर्ट:कपिल शर्मा
गाज़ियाबाद:कपिल शर्मा को प्रकाश समाज कल्याण समिति का जिला प्रभारी गाजियाबाद नियुक्त किया गया।

देवेंद्र कुमार मिश्रा प्रदेश अध्यक्ष पत्रकार समाज कल्याण समिति उत्तर प्रदेश सूरजभान बघेल प्रदेश महासचिव विनोद कुमार वर्मा के परामर्श से तेजतर्रार निर्भीक पत्रकार कपिल शर्मा को पत्रकार समाज कल्याण समिति से जिला प्रभारी गाजियाबाद के पद पर नियुक्त किया जाता है और आशा करता हूं कि कपिल शर्मा जी पूरे जिले में संगठन के उत्थान के लिए कार्य करेंगे और संगठन को आगे बढ़ाएंगे

जनपद गढ़वाल के रिखणीखाल प्रखंड के ग्राम नावेतल्ली के ग्रामीण आज तीर्थस्थल चित्रशिला ,जो कि हल्द्वानी के नजदीक स्थित है,देवी देवताओं को स्नान कराने के लिए प्रस्थान कर रहे हैं।प्रस्थान करने से पहले वे लोग देवी देवताओ को प्रसन्न करने के लिए भूपाल सिंह रावत के घर के ऑगन में जागर कार्यक्रम करके नाचते नाचते पूरे मार्ग पर जायेगें।ये परिवार बचे सिंह रावत,चमन सिंह,जगमोहन सिंह आदि का है।ये निजी वाहन बुक करके आज प्रस्थान कर रहे हैं।

ये लोग चित्रशिला में अपने देवी देवताओ को पुण्य स्नान करके कल तक वापस आयेगें,फिर आने के बाद भी रात्रि में जागर लगेगें।उनके साथ गुरु राजू दास व उनकी पूरी टीम गई है।वे नदी,जलाशय में नहाते समय भी जागर लगायेंगे।उस समय का दृश्य बहुत ही सुंदर व मनोरम लगता है।ये रास्ते में अपना बनाया हुआ भोजन ग्रहण करते हैं,किसी होटल,ढाबा में नहीं रहेगें।विस्तर,खाना बनाने का सामान घर से ले जायेगें।
घर में पहुंचने पर जागर लगायेंगे तथा फिर देवी देवताओ को प्रसन्न करने के लिए कयी बकरे काटे जायेगे।ये प्रथा हजारों सालों से चलती आ रही है।

इसमें मुख्य रूप से राजू दास,दान सिंह पटवाल,थान सिंह रावत,जगमोहन सिंह,चमन सिंह,भरत सिंह,बीरेन्द्र सिंह,बचे सिंह,रामेश्वरी,भूपाल सिंह रावत आदि हाजिर हैं।

स्वर्गीय भारत सिंह स्मृति वॉलीबॉल प्रतियोगिता 2023 कुमाल्डी ग्रीन पार्क खेल मैदान मेंशुभारम्भ किया गया मैच का प्रथम उद्घाटन मैच बालिका वर्ग में कुमाल्डी वर्सेस कलवाड़ी के बीच खेला गया बालिका वर्ग में जिसमें कलवाड़ी की बालिकाओं ने मैच जीता और विजेता के रूप में नगद धनराशि और ट्रॉफी अपने नाम की बालक वर्ग ओपन वॉलीबॉल प्रतियोगिता में पहला मैच कोटनाली के बीच खेला गया जिसमें ब्यूरो की टीम विजयी रही जबकि दूसरा मैच कर्तिया वर्सेस पॉलीटेक्निक तोली दुधारखाल के बीच खेला गया जिसमें कर्तिया विजयी रही।

बालक वर्ग में पहला ओपन वॉलीबॉल प्रतियोगिता का मैच बैजरौ वर्सेस कोटनाली के बीच खेला गया जिसमें बैजरौ जीतने में सफल रही जबकि दूसरा मैच कर कर्तिया और तोली क्लब के बीच खेला गया जिसमें कर्तिया विजय रही।

गौरतलब है कि विगत चार वर्ष से चली आ रही स्व श्री भारत सिंह रावत स्मृति वॉलीबॉल प्रतियोगिता के उद्घाटन मैच में मुख्य अतिथि नरेंद्र सिंह रावत जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुख्य अतिथि के रूप में थे और साथ में क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह रावत जी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।समस्त मातृशक्ति और युवाओं व समाजसेवियों , जनप्रतिनिधियों के द्वारा खेल में सहयोग प्रदान किया गया। जिसके लिए आयोजन समिति द्वारा सम्पूर्ण व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गयीं। निर्णायक के तौर पर सूरज रमोला, धीरेन्द्र सिंह कण्डारी, प्रमोद रावत, अनुज देवरानी आदि रहे।मंच का संचालन धनपाल सिंह रावत ने किया जिसमें अवसर पर पृथ्वी पाल सिंह, विनोद जखमोला, चन्द्र पाल रावत, डॉ. अम्बिका प्रसाद ध्यानी,रामरतन नेगी,दीपक सिंह गुसाई आदि मौजूद रहे।
क्या किसी अनहोनी व आकस्मिक दुर्घटना का इन्तजार किया जा रहा है? इतनी भी अनदेखी क्यों
रिखणीखाल प्रखंड के मध्य में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय अन्दरगाँव ( आठबाखल) का विद्यालय भवन जर्जर व क्षतिग्रस्त हालत में चल रहा है।स्थानीय ग्रामीण ने जब विद्यालय का दृश्य देखा तो वह भौचक्का रह गया।

भवन बुरी दशा को बयां कर रहा है।विद्यालय भवन का दीवार व छत का पलस्तर झड़ रहा है,खिड़की,दरवाजे सड़ गल कर जमींदोज हो गये हैं।छत का लेन्टर बुरी तरह झड़ रहा है।बरसात में या कभी भी भवन धराशायी हो सकता है।दीवार से छत का जोड़ अलग होता दिखाई दे रहा है।कुल मिलाकर भवन जर्जर हो गया है।विद्यालय में छोटे छोटे बच्चे पढ़ते हैं,क्यों उनके जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है।शिक्षा विभाग क्यों ऑखे मूंदे चुपचाप बैठा है।क्या जो रिखणीखाल में उप खंड शिक्षा अधिकारी हैंवे क्यों नहीं विद्यालयों का भ्रमण नहीं करते,जो पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि हैं वे भी क्यों अपनी जवाबदारी से पीछे हटे हैं।ऐसे प्रतिनिधियों का चयन करना घोर अपराध है।

समाचार पत्रों,विज्ञापनो व भाषणों में बड़े बड़े दावे व घोषणाएं सुनने व पढ़ने को मिलते हैं,तो क्यों न इन दावों व घोषणाओं को धरातल पर उतारा जाता है।या ये रिखणीखाल पर लागू नहीं होता।ऐसे लगता है कि किसी अनहोनी व दुर्घटना की परीक्षा ली जा रही है।
अगर समय पर न चेते तो अनहोनी होना स्वाभाविक है।फिर पछतावा करने व सान्त्वना देने से क्या लाभ होगा।जैसे आये दिन प्रदेश में होता चला आ रहा है।